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10 लाख रुपये नहीं दिए तो उतार देंगे 6 हजार लड़के
अलीगढ़।
Updated Sun, 18 Oct 2015 01:59 AM IST
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10 लाख रुपये नहीं दिए तो उतार देंगे 6 हजार लड़के
अलीगढ़। आलमगीर हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर वीसी लॉज के सामने जारी धरने में पहुंचे एएमयू वीसी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल जमीरउद्दीन शाह ने आलमगीर के पिता शमीम अहमद से मोबाइल पर हुई बातचीत को सार्वजनिक कर तहलका मचा दिया है। वीसी ने छात्रों से कहा कि आलमगीर के पिता को पूरी स्थिति से अवगत कराने के लिए उन्होंने फोन किया था। जिस पर आलमगीर के पिता ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि विवि इंतजामिया ने अगर रविवार तक दस लाख रुपये नहीं दिए तो छह हजार लड़के एएमयू की सड़कों पर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी उनकी होगी। वीसी ने कहा कि आलमगीर से उन्हें भी हमदर्दी है लेकिन लगातार तीन चार दिन से वीसी के खिलाफ मोर्चा खोला गया है उन्हें गालियां दी गई हैं। अब वह छात्रों को अपना बच्चा नहीं कहेंगे..। बच्चे ऐसी हरकतें नहीं करते..। इधर, शमीम ने शनिवार को छात्रों के धरने से अपने को अलग कर लिया। वह देर शाम अपने बेटे फैसल दीवान के साथ सहारनपुर रवाना हो गए। आलमगीर के परिजनों को इंतजामिया ने 22 अक्तूबर को बातचीत के लिए बुलाया है।
कुलपति के खुलासे के बाद होटल गुलमर्ग में शमीम ने कहा कि अलीगढ़ का अनुभव अच्छा नहीं रहा। उनकी इंतजामिया से तीन मांगें थीं। पहला आलमगीर हत्याकांड की सीबीआई जांच, दूसरा 50 लाख रुपये का मुआवजा और तीसरा परिवार के एक सदस्य को सहारनपुर में सरकारी नौकरी। एक अन्य मांग आलमगीर के नाम पर रोड बनाना था। उन्होंने मुआवजे को लेकर इंतजामिया से मतभेद के सवाल पर कहा कि उन्होंने पहले इंतजामिया से मुआवजा या अन्य किसी चीज की मांग नहीं की। प्रॉक्टर उनके पास आए थे और उन्होंने 12 अक्तूबर को दस लाख का मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को एएमयू में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। (शमीम ने इसका एक पत्र भी मीडिया के सामने सार्वजनिक किया, अमर उजाला के पास पत्र की प्रति मौजूद है) लेकिन वह सीबीआई जांच की मांग पर अड़े रहे। शमीम ने कहा कि यदि उनके ऊपर कोई आरोप लगा रहा है तो सही नहीं है। बोले..आलमगीर का पोस्टमार्टम कराना पुलिस की जिम्मेदारी थी। जानबूझ कर पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। अब पुलिस पर भरोसा नहीं है और सीबीआई जांच होगी तो पोस्टमार्टम से कोई एतराज नहीं है। यहां खतरा महसूस हो रहा था, इसलिए थाना सिविल लाइन के अधिकारी ने उनकी सुरक्षा के लिए होटल में सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए। शमीम ने अल्टीमेटम दिया कि 22 अक्तूबर तक सीबीआई जांच की घोषणा नहीं हुई तो हाईकोर्ट जाएंगे। आलमगीर के वालिद शमीम ने गत दिनों धरने में शामिल होकर इंतजामिया हीं नहीं बल्कि जिला प्रशासन का भी टेंशन बढ़ा दिया था। उन्होंने एएमयू पीवीसी सैयद अहमद अली पर हत्या में हाथ होने का आरोप लगाकर खलबली मचा दी थी। यह भी घोषणा की थी कि सीबीआई जांच नहीं हुई तो यहां से आलमगीर की तरह उनका जनाजा उठेगा।
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अलीगढ़। आलमगीर हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर वीसी लॉज के सामने जारी धरने में पहुंचे एएमयू वीसी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल जमीरउद्दीन शाह ने आलमगीर के पिता शमीम अहमद से मोबाइल पर हुई बातचीत को सार्वजनिक कर तहलका मचा दिया है। वीसी ने छात्रों से कहा कि आलमगीर के पिता को पूरी स्थिति से अवगत कराने के लिए उन्होंने फोन किया था। जिस पर आलमगीर के पिता ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि विवि इंतजामिया ने अगर रविवार तक दस लाख रुपये नहीं दिए तो छह हजार लड़के एएमयू की सड़कों पर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी उनकी होगी। वीसी ने कहा कि आलमगीर से उन्हें भी हमदर्दी है लेकिन लगातार तीन चार दिन से वीसी के खिलाफ मोर्चा खोला गया है उन्हें गालियां दी गई हैं। अब वह छात्रों को अपना बच्चा नहीं कहेंगे..। बच्चे ऐसी हरकतें नहीं करते..। इधर, शमीम ने शनिवार को छात्रों के धरने से अपने को अलग कर लिया। वह देर शाम अपने बेटे फैसल दीवान के साथ सहारनपुर रवाना हो गए। आलमगीर के परिजनों को इंतजामिया ने 22 अक्तूबर को बातचीत के लिए बुलाया है।
कुलपति के खुलासे के बाद होटल गुलमर्ग में शमीम ने कहा कि अलीगढ़ का अनुभव अच्छा नहीं रहा। उनकी इंतजामिया से तीन मांगें थीं। पहला आलमगीर हत्याकांड की सीबीआई जांच, दूसरा 50 लाख रुपये का मुआवजा और तीसरा परिवार के एक सदस्य को सहारनपुर में सरकारी नौकरी। एक अन्य मांग आलमगीर के नाम पर रोड बनाना था। उन्होंने मुआवजे को लेकर इंतजामिया से मतभेद के सवाल पर कहा कि उन्होंने पहले इंतजामिया से मुआवजा या अन्य किसी चीज की मांग नहीं की। प्रॉक्टर उनके पास आए थे और उन्होंने 12 अक्तूबर को दस लाख का मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को एएमयू में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। (शमीम ने इसका एक पत्र भी मीडिया के सामने सार्वजनिक किया, अमर उजाला के पास पत्र की प्रति मौजूद है) लेकिन वह सीबीआई जांच की मांग पर अड़े रहे। शमीम ने कहा कि यदि उनके ऊपर कोई आरोप लगा रहा है तो सही नहीं है। बोले..आलमगीर का पोस्टमार्टम कराना पुलिस की जिम्मेदारी थी। जानबूझ कर पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। अब पुलिस पर भरोसा नहीं है और सीबीआई जांच होगी तो पोस्टमार्टम से कोई एतराज नहीं है। यहां खतरा महसूस हो रहा था, इसलिए थाना सिविल लाइन के अधिकारी ने उनकी सुरक्षा के लिए होटल में सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए। शमीम ने अल्टीमेटम दिया कि 22 अक्तूबर तक सीबीआई जांच की घोषणा नहीं हुई तो हाईकोर्ट जाएंगे। आलमगीर के वालिद शमीम ने गत दिनों धरने में शामिल होकर इंतजामिया हीं नहीं बल्कि जिला प्रशासन का भी टेंशन बढ़ा दिया था। उन्होंने एएमयू पीवीसी सैयद अहमद अली पर हत्या में हाथ होने का आरोप लगाकर खलबली मचा दी थी। यह भी घोषणा की थी कि सीबीआई जांच नहीं हुई तो यहां से आलमगीर की तरह उनका जनाजा उठेगा।
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