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खराब प्रदर्शन कर रहे अफसरों से अखिलेश ने मांगा जवाब
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jul 2013 12:02 AM IST
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उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विकास कार्यक्रमों में खराब प्रदर्शन के आधार पर फैजाबाद व रायबरेली समेत 10 जिलों के जिलाधिकारियों और सीडीओ से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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उन्होंने अफसरों को आगाह किया है कि विकास कार्यक्रमों में लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, ग्रामीण पेयजल, इंदिरा आवास, लोहिया आवास व एनआएएलएम व अन्य कार्यक्रमों में चालू वित्त वर्ष में खराब प्रदर्शन करने वाले अफसरों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है।
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उन्होंने एकसाथ दस जिलों के डीएम व सीडीओ से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया है। जिन जिलों के डीएम और सीडीओ से स्पष्टीकरण तलब किया गया है, उनमें फैजाबाद व रायबरेली के अलावा हमीरपुर, चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, कानपुर नगर, ललितपुर व जालौन शामिल हैं। इन जिलों में विकास कार्यक्रमों की हालत बेहद खराब बताई गई थी।
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मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अफसरों को हिदायत दी है कि विकास कार्यक्रमों का प्रभावी ढंग से पूरा किया चाहिए। आम जन को योजनाओं की अधिक से अधिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। जन कल्याणकारी नीतियों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराया जाए। इसमें कोताही सामने आने पर कड़ी कार्यवाही होगी।
ये हाल तो होना ही था
शासन ने मनरेगा व राष्ट्रीय ग्रामीण लवलीहुड मिशन (एनआरएलएम) जैसे कार्र्यों की अलग से निगरानी व क्रियान्वयन के लिए उपायुक्त मनरेगा व उपायुक्त स्वत: रोजगार की अलग-अलग तैनाती की थी। इनकी तैनाती को लेकर काफी समय बीत चुका है।
ग्राम्य विकास विभाग के अफसर बताते हैं कि शासन ने अब तक इन अफसरों का जॉब चार्ट तक फाइनल नहीं किया है। ऐसे में इन अफसरों के पास कोई खास काम नहीं है और डीडीओ व पीडी पर काम का दबाव बना हुआ है।