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जिपलाइन हादसा: 10 दिन बाद भी मालिक का पता नहीं लगा सकी पुलिस, कछुआ गति से चल रही जांच

Thu, 04 Jun 2026 09:28 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Thu, 04 Jun 2026 09:28 AM IST
सार

ताजगंज चौपाटी में जिपलाइन हादसे में 16 वर्षीय किशोर की मौत के 10 दिन बाद भी पुलिस मुख्य आरोपी कंपनी मालिक तक नहीं पहुंच सकी है। मामले में दो कर्मचारियों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि मृतक के परिवार ने सभी जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
 

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Zipline Accident in Agra: Teen’s Death Case, Police Yet to Trace Company Owner After 10 Days
जिप लाइन हादसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के ताजगंज स्थित चाैपाटी में जिपलाइन का लॉक खुलने से 45 फीट नीचे गिरकर किशोर की माैत के मामले में पुलिस की जांच कछुआ गति से चल रही है। पुलिस ने मैनेजर और सुरक्षा प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज होने के तुरंत बाद गिरफ्तार किया था। 10 दिन बाद भी आरोपी बनाए गए कंपनी के मालिक के नाम की अब तक वृद्धि नहीं की गई है। मृतक किशोर के पिता ने न्याय की गुहार लगाई है।
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24 मई को चाैपाटी में हादसा हुआ था। फिरोजाबाद निवासी पंकज अग्रवाल पत्नी और दो बेटों के साथ आगरा घूमने आए थे। ताजनगरी फेज-2 स्थित चाैपाटी में बच्चों को लेकर गए थे। 16 वर्षीय बेटा कुनाल जिपलाइन पर राइड के लिए गया था। 10 फीट आगे चलते ही वह गिर गया था। हादसे में उसकी मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की।
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इसमें सुरक्षा प्रभारी अभिषेक, मैनेजर संतोष कुमार और जिपलाइन का संचालन करने वाली कंपनी के मालिक को आरोपी बनाया गया। आरोपी सुरक्षा प्रभारी और मैनेजर को जेल भेजा जा चुका है मगर आरोपी मालिक के बारे में पुलिस पता नहीं कर सकी है। पुलिस का कहना है कि कंपनी में दो से अधिक साझीदार हैं। आगरा में संचालन की जिम्मेदारी किस पर थी, यह पता किया जाना है।
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मृतक के पिता पंकज अग्रवाल का कहना है कि बेटे के साथ हुई घटना के सभी दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। कंपनी के मालिक भी पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। पुलिस परिवार को न्याय दिलाए। उधर, डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास का कहना है कि साक्ष्य संकलन जुटाए जा रहे हैं। मामले में जिन लोगों के खिलाफ साक्ष्य मिलेंगे, उनके नाम केस में शामिल किए जाएंगे।
 
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