{"_id":"5afdb4764f1c1b5b798b4bb3","slug":"youth-wrote-to-governor-and-pm-for-make-himself-up-cm","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"युवक ने गवर्नर और पीएम को पत्र लिख की मांग- एक महीने के लिए मुझे बना दो यूपी का सीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवक ने गवर्नर और पीएम को पत्र लिख की मांग- एक महीने के लिए मुझे बना दो यूपी का सीएम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 18 May 2018 09:33 AM IST
विज्ञापन
पत्र लिखने वाला युवक विनोद कुमार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के एक युवक ने गवर्नर रामनाईक और पीएम नरेंद्र मोदी से खुद को यूपी का मुख्यमंत्री बनाए जाने की अपील की है। उसका कहना है कि वो एक महीने के अंदर उत्तर प्रदेश को बुलंदियों पर पहुंचा देगा।
रुनकता कस्बे निवासी युवक का नाम विनोद कुमार नेक है। उसने पत्र में लिखा है कि अब तक यूपी में जितनी भी सरकारें बनीं। सपा, बसपा हो या फिर बीजेपी, किसा ने भी विकास नहीं कराया है।
युवक ने गर्वनर और पीएम से एक महीने के लिए खुद को यूपी का मुख्यमंत्री बनाए जाने की अपील की है। उसने पत्र में लिखा है कि उसमें काबिलियत है। वो एक महीने में वो कर दिखाएगा, जो आज तक किसी भी सरकार ने नहीं किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
रुनकता कस्बे निवासी युवक का नाम विनोद कुमार नेक है। उसने पत्र में लिखा है कि अब तक यूपी में जितनी भी सरकारें बनीं। सपा, बसपा हो या फिर बीजेपी, किसा ने भी विकास नहीं कराया है।
विज्ञापन
युवक ने गर्वनर और पीएम से एक महीने के लिए खुद को यूपी का मुख्यमंत्री बनाए जाने की अपील की है। उसने पत्र में लिखा है कि उसमें काबिलियत है। वो एक महीने में वो कर दिखाएगा, जो आज तक किसी भी सरकार ने नहीं किया।
विज्ञापन
विनोद कुमार का कहना है कि उसके क्षेत्र में भी कोई विकास नहीं कराया गया है। टीटीएस योजना की पानी की टंकी कई वर्षों से बंद पड़ी है। शिकायत के बाद अधिकारियों ने अब तक कोई ध्यान नहीं दिया है।
कस्बा के प्राथमिक विद्यालय में 320 छात्र पढ़ते हैं। जिसमें मात्र तीन टीचर तैनात है। गांव में सफाई कर्मी नहीं है। गदंगी के कारण आए दिन ग्रामीणों में झगड़ता होता है। वहीं स्वास्थ्य व्यवस्था का भी बुरा हाल है।
कस्बा के प्राथमिक विद्यालय में 320 छात्र पढ़ते हैं। जिसमें मात्र तीन टीचर तैनात है। गांव में सफाई कर्मी नहीं है। गदंगी के कारण आए दिन ग्रामीणों में झगड़ता होता है। वहीं स्वास्थ्य व्यवस्था का भी बुरा हाल है।