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जलकल विभाग में नौकरी: दो माह घर बैठे ली सैलरी, ऑफिस पहुंचा तो सच जान खिसक गई पैरों तले जमीन

Mon, 13 May 2024 05:58 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 13 May 2024 05:58 PM IST
सार

जलकल विभाग में नौकरी के नाम पर युवक से 12 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। इतना ही नहीं फर्जी नियुक्ति पत्र, आईकार्ड और दो महीने की सैलरी भी खाते में भेज दी। जल संस्थान के कार्यालय पहुंचने पर पीड़ितों को धोखाधड़ी का पता चला।
 

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young man was cheated of Rs 12 lakh in the name of job in the water supply department
युवक सांकेतिक फोटो - फोटो : istock

विस्तार

आगरा में जलकल विभाग में नौकरी के नाम पर युवक ने एक ही परिवार के तीन लोगों से 12 लाख रुपये ठग लिए। फर्जी नियुक्ति पत्र, आईकार्ड और दो महीने की सैलरी भी खाते में भेज दी। जल संस्थान के कार्यालय पहुंचने पर पीड़ितों को धोखाधड़ी का पता चला। कोर्ट के आदेश पर रकाबगंज थाने में केस दर्ज किया गया है।
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नामनेर के नेताजी नगर निवासी संतोष कुमार दुबे ने बताया कि बालूगंज निवासी हर्षित शर्मा राजपुर चुंगी निवासी आकाश शर्मा के साथ जनवरी 2022 में मिला था। हर्षित ने खुद को जल संस्थान में लिपिक पद पर कार्यरत बताया था। उसने मृतक आश्रित कोटे से उनके बेटे चिराग की नौकरी लगवाने के बोला। कहा सारे दस्तावेज खुद तैयार करा देगा। इसके बदले 5 लाख रुपये की मांग की। मना करने पर 4 लाख में सौदा तय हुआ। उन्होंने बेटे की नौकरी के लिए बुआ से रुपये की मांग की। उन्होंने अपने नाती की नौकरी लगवाने के लिए बोल दिया। उन्होंने अपने बेटे चिराग और बुआ के नाती सौरभ दुबे की नौकरी लगवाने के लिए 8 लाख रुपये दे दिए।


 
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एक हफ्ते के बाद उन्हें घर बुलाया। अपनी मां शशि शर्मा और पत्नी अंजलि के हाथों से लखनऊ सचिवालय के दो नियुक्तिपत्र दोनों को दिला दिए। जलकल विभाग के आईकार्ड भी दिए। इसके बाद भरोसा कर उन्होंने अपनी बहन के पौत्र मयंक पांडे की नौकरी लगवाने के नाम पर 4 लाख रुपये और दे दिए।

 
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उसे नियुक्ति पत्र दे दिया। फरवरी और मार्च 2022 की तनख्वाह भी जल संस्थान शूज नामक बैंक खाते से तीनों के खाते में भेज दी। मगर उनकी कहीं भी ड्यूटी नहीं लगी। इस पर उन्हें भरोसा नहीं हुआ। कार्यालय जाकर पता किया तो नियुक्ति पत्र फर्जी निकले। आरोपियों से शिकायत करने पर उन्होंने 12 लाख का चेक दिया। वह बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट के आदेश पर रकाबगंज पुलिस केस दर्ज मामले की जांच में जुटी है। इससे पहले भी हर्षित शर्मा नौकरी के नाम पर कई लोगों से ठगी कर चुका है।
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