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UP: देश के लिए खेलने का सपना, ऑपरेशन के तक के लिए नहीं पैसे; तेज गेंदबाज कल्पना की कहानी भावुक कर देगी
Sat, 16 May 2026 09:01 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 16 May 2026 09:01 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश अंडर-15 टीम की तेज गेंदबाज कल्पना लोधी को बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से बुलावा मिला था, लेकिन गंभीर चोट के बाद आर्थिक तंगी के कारण उनका ऑपरेशन टालना पड़ा। सब्जी बेचने वाले पिता की बेटी कल्पना की संघर्षभरी कहानी अब खेल प्रेमियों से मदद और समर्थन की उम्मीद लगाए हुए है।
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कल्पना लोधी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
उत्तर प्रदेश अंडर-15 टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी आगरा की होनहार तेज गेंदबाज कल्पना लोधी इस समय जिंदगी की सबसे कठिन परीक्षा से गुजर रही हैं। जिस खिलाड़ी को कुछ दिन पहले बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (पूर्व एनसीए) से बुलावा मिला था, आज वही खिलाड़ी आर्थिक संकट के कारण अपनी जरूरी सर्जरी तक नहीं करा पा रही है। बृहस्पतिवार को दिल्ली में होने वाला उनका ऑपरेशन रकम का इंतजाम न हो पाने से टालना पड़ा।
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शमसाबाद क्षेत्र के गांव श्यामो निवासी कल्पना लोधी के पिता सब्जी बेचते हैं। वह वर्षों तक साइकिल चलाकर पी के क्रिकेट अकादमी पहुंची और कड़ी मेहनत के दम पर उत्तर प्रदेश की अंडर-15 टीम तक का सफर तय किया। लोगों का मानना है कि कल्पना में शहर की स्टार महिला क्रिकेटर दीप्ति शर्मा, हेमलता काला और प्रीति डिमरी की तरह भारतीय टीम तक पहुंचने की क्षमता है।
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उनकी तेज गेंदबाजी और अनुशासन को देखते हुए करीब 15 दिन पहले बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से उन्हें प्रशिक्षण के लिए बुलावा आया था। यह वही प्रतिष्ठित केंद्र है जहां देश के चुनिंदा प्रतिभाशाली क्रिकेटरों को विशेष ट्रेनिंग देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया जाता है। लेकिन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जाने से पहले ही किस्मत ने उन्हें बड़ा झटका दे दिया। करीब एक सप्ताह पहले आगरा में अभ्यास के दौरान फील्डिंग करते समय उनके पैर में गंभीर चोट लग गई। इसके बाद कानपुर में यूपीसीए ने उनका मेडिकल कराया गया। डॉक्टरों ने सर्जरी कराने की सलाह दी।
कल्पना और उनके परिवार ने इलाज के लिए यूपीसीए से आर्थिक सहायता की उम्मीद की, लेकिन यह कहते हुए मदद देने से इन्कार कर दिया गया कि चोट ऑफ सीजन में लगी है। इसके बाद परिवार ने अपने स्तर पर सर्जरी कराने का निर्णय लिया। बृहस्पतिवार को दिल्ली में ऑपरेशन तय था, लेकिन अंतिम समय तक पूरी धनराशि नहीं जुट पाने के कारण सर्जरी टालनी पड़ी।
कल्पना के कोच प्रवीन कुमार ने कहा, कल्पना बेहद प्रतिभाशाली फास्ट बॉलर है। इतनी कम उम्र में उसकी गेंदबाजी की गति और नियंत्रण शानदार है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का बुलावा उसकी मेहनत और प्रतिभा का प्रमाण है। आर्थिक कारणों से उसका ऑपरेशन टलना बेहद दुखद है। अगर समय पर इलाज और सही सहयोग मिल जाए तो वह भविष्य में भारतीय टीम के लिए खेल सकती है।
खेल से जुड़े लोगों और समाज को उसकी मदद के लिए आगे आना चाहिए।” कल्पना की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि उस संघर्ष की तस्वीर है जिसमें प्रतिभा अक्सर संसाधनों की कमी के आगे जूझती नजर आती है। अब खेल प्रेमियों और समाज की नजर इस बात पर है कि क्या यह होनहार तेज गेंदबाज समय रहते मदद पाकर फिर से मैदान पर अपनी रफ्तार दिखा सकेगी।