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UP Flood: बाढ़ छोड़ गई तबाही के निशान, 12 हजार बीघा फसल बर्बाद; बाजरा और सब्जियों की फसल हो गईं नष्ट
Thu, 11 Sep 2025 08:56 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 11 Sep 2025 08:56 AM IST
सार
यमुना का जलस्तर उतरने लगा है। ऐसे में तबाही का मंजर अब साफ-साफ दिखाई दे रहा है। सदर, एत्मादपुर, बाह और फतेहाबाद में बाजरा और सब्जियों की फसल नष्ट हो चुकी हैं।
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पानी में डूब गई फसल
- फोटो : संवाद
विस्तार
यमुना उतरने लगी है। जलस्तर घटना शुरू हो गया है, लेकिन यमुना में आई बाढ़ तबाही के निशान छोड़ गई। सदर, एत्मादपुर, बाह और फतेहाबाद में करीब 12 हजार बीघा बाजरा, सब्जी व अन्य फसल बर्बाद हो गई। बुधवार से प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का ड्रोन सर्वे शुरू कराया है।
वाटर वर्क्स पर यमुना का जलस्तर पिछले 24 घंटे में पांच इंच घटा है। बुधवार सुबह 10 बजे जलस्तर 501 फीट था। मंगलवार रात 10 बजे यह 501.5 फीट था। उधर, संरक्षित स्मारकों से लेकर कैलाश मंदिर और डूब क्षेत्र की कॉलोनियों में भरा पानी घटने लगा है। लेकिन, तनौरा नूरपुर से लेकर मेहरा नहारगंज सहित 60 से अधिक गांव में खेत डूब हुए हैं।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि बाढ़ से फसलों को भारी नुकसान की आशंका है। ड्रोन से सभी इलाकों का सर्वे कराया जा रहा है। नुकसान का आंकलन होने के बाद प्रभावित किसान व लोगों को मुआवजा वितरित कराया जाएगा।
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एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने बताया कि तहसील क्षेत्र में करीब पांच हजार बीघा फसल प्रभावित है। यमुना का जलस्तर घटने के बाद राहत शिविर में आश्रय लेने वाले लोग अपने घरों की तरफ वापस लौट रहे हैं। उधर, मेहताब बाग में पानी भरा हुआ है।
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वाटर वर्क्स पर यमुना का जलस्तर पिछले 24 घंटे में पांच इंच घटा है। बुधवार सुबह 10 बजे जलस्तर 501 फीट था। मंगलवार रात 10 बजे यह 501.5 फीट था। उधर, संरक्षित स्मारकों से लेकर कैलाश मंदिर और डूब क्षेत्र की कॉलोनियों में भरा पानी घटने लगा है। लेकिन, तनौरा नूरपुर से लेकर मेहरा नहारगंज सहित 60 से अधिक गांव में खेत डूब हुए हैं।
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जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि बाढ़ से फसलों को भारी नुकसान की आशंका है। ड्रोन से सभी इलाकों का सर्वे कराया जा रहा है। नुकसान का आंकलन होने के बाद प्रभावित किसान व लोगों को मुआवजा वितरित कराया जाएगा।
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एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने बताया कि तहसील क्षेत्र में करीब पांच हजार बीघा फसल प्रभावित है। यमुना का जलस्तर घटने के बाद राहत शिविर में आश्रय लेने वाले लोग अपने घरों की तरफ वापस लौट रहे हैं। उधर, मेहताब बाग में पानी भरा हुआ है।