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Agra: पांटून पुल हटते ही बढ़ा जोखिम, नाव से नदी पार कर रहे लोग; रामबाग-टेढ़ी बगिया पर बढ़ेगा दबाव
Wed, 01 Jul 2026 09:58 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 01 Jul 2026 09:58 AM IST
सार
मानसून से पहले पोइया घाट का पीपा पुल हटाए जाने के बाद सभी तरह के वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। अब लोगों को या तो 15 किलोमीटर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है या फिर जोखिम उठाकर क्षमता से अधिक सवारियों वाली नावों से यमुना पार करनी पड़ रही है।
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नाव से सफर करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में मानसून से पहले यमुना नदी पर पोइया घाट स्थित पांटून (पीपा) पुल को हटाने का काम मंगलवार को भी जारी रहा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पुल के लकड़ी के तख्ते और गर्डर हटाकर संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया। अब पुल पर सभी तरह के वाहनों का आवागमन बंद हो गया। दोपहर तक कई बाइक और कार चालक पुल तक पहुंचे, लेकिन संपर्क टूटने के कारण उन्हें लौटना पड़ा।
पुल हटने के बाद बड़ी संख्या में लोग नावों से यमुना पार करते नजर आए। कई नावों में क्षमता से अधिक लोग और दोपहिया वाहन सवार थे। एक नाव में पानी भर गया था, जिसे बच्चे बाहर निकालने में जुटे थे, जिससे नाव डगमगा रही थी। इसके बावजूद जान को जोखिम में डालकर आवागमन जारी रहा। नावों के संचालन के लिए किसी तरह की गाइड लाइन नहीं होने के कारण नदी पार करना असुरक्षित बना हुआ है। यह पांटून पुल मार्च 2026 में क्षेत्रीय विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह की पहल पर करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था।
अब तीन की जगह 15 किमी.का सफर तय करना होगा
पांटून पुल बनने से लोगों को बड़ी राहत मिली थी, लेकिन बरसात में अब लोगों को परेशानी उठानी पड़ेगी। अब दयालबाग, खंदौली, हाथरस, अलीगढ़ और यमुना एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले लोगों को आगरा-अलीगढ़ हाईवे, रामबाग और टेढ़ी बगिया होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। इससे करीब 3 किलोमीटर का सफर फिर 15 किलोमीटर का हो जाएगा। रोजाना सैकड़ों लोगों को करीब 12 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगेगा, जिससे समय के साथ ईंधन की खपत भी बढ़ेगी और रामबाग व टेड़ी बगिया जैसे व्यस्त चौराहों पर जाम का दबाव बढ़ेगा।
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भगवान टॉकीज निवासी सुमित ने बताया कि पुल चालू रहने पर आसानी से दूसरी ओर पहुंच जाते थे, लेकिन अब लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। दूध कारोबारी राजवीर और राजेंद्र ने बताया कि रोज दूध पहुंचाने के लिए अब नाव का सहारा लेना मजबूरी है, क्योंकि पुल बंद होने से समय और खर्च दोनों बढ़ जाएंगे। स्थानीय महिला अनीता देवी ने भी कहा कि पुल बंद होने से दैनिक आवागमन करने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी।
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पुल हटने के बाद बड़ी संख्या में लोग नावों से यमुना पार करते नजर आए। कई नावों में क्षमता से अधिक लोग और दोपहिया वाहन सवार थे। एक नाव में पानी भर गया था, जिसे बच्चे बाहर निकालने में जुटे थे, जिससे नाव डगमगा रही थी। इसके बावजूद जान को जोखिम में डालकर आवागमन जारी रहा। नावों के संचालन के लिए किसी तरह की गाइड लाइन नहीं होने के कारण नदी पार करना असुरक्षित बना हुआ है। यह पांटून पुल मार्च 2026 में क्षेत्रीय विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह की पहल पर करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था।
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अब तीन की जगह 15 किमी.का सफर तय करना होगा
पांटून पुल बनने से लोगों को बड़ी राहत मिली थी, लेकिन बरसात में अब लोगों को परेशानी उठानी पड़ेगी। अब दयालबाग, खंदौली, हाथरस, अलीगढ़ और यमुना एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले लोगों को आगरा-अलीगढ़ हाईवे, रामबाग और टेढ़ी बगिया होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। इससे करीब 3 किलोमीटर का सफर फिर 15 किलोमीटर का हो जाएगा। रोजाना सैकड़ों लोगों को करीब 12 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगेगा, जिससे समय के साथ ईंधन की खपत भी बढ़ेगी और रामबाग व टेड़ी बगिया जैसे व्यस्त चौराहों पर जाम का दबाव बढ़ेगा।
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भगवान टॉकीज निवासी सुमित ने बताया कि पुल चालू रहने पर आसानी से दूसरी ओर पहुंच जाते थे, लेकिन अब लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। दूध कारोबारी राजवीर और राजेंद्र ने बताया कि रोज दूध पहुंचाने के लिए अब नाव का सहारा लेना मजबूरी है, क्योंकि पुल बंद होने से समय और खर्च दोनों बढ़ जाएंगे। स्थानीय महिला अनीता देवी ने भी कहा कि पुल बंद होने से दैनिक आवागमन करने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी।