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Women's Equality Day 2020: महिला शक्ति के हौसले के आगे मुश्किलों ने घुटने टेके
Wed, 26 Aug 2020 04:32 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 26 Aug 2020 04:32 AM IST
सार
कस्बा घिरोर क्षेत्र के गांव नगला महुआहार निवासी पूनम यादव पर जिले को नाज है। पूनम यादव अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम में प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। पूनम यादव के बेहतर प्रदर्शन को देखकर जिले की महिला क्रिकेटरों ने भी उड़ान भरी है।
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प्रियंका यादव, पूनम यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मैनपुरी की बेटियों ने अपने हौसलों के आगे मुश्किलों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। किसी ने खेल जगत में नाम कमाया तो कोई वायु सेना में जाकर देश की सेवा कर रही है। महिला शक्ति ने समाज की रूढ़िवादी सोच की बेड़ियों को तोड़ते हुए न केवल अपने लिए रास्ता निकाला बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन गईं।
वायुसेना में प्रियंका बढ़ा रहीं मान
किशनी क्षेत्र के गांव चांदा निवासी एड. रामनरेश यादव की बेटी प्रियंका यादव वायुसेना में जिले का मान बढ़ा रही है। तीन बेटियाें में दूसरे नंबर की बेटी प्रियंका का लालन-पालन पिता ने बेटे की तरह से किया। बेटी का भी सपना था कि वह पिता के हर अरमान को पूरा करे। प्रियंका ने पिता का सपना वर्ष 2007 में पूरा किया। जनवरी 2007 में उन्होंने फ्लाइंग ऑफीसर के पद पर नियुक्ति पाई। उनका कहना है कि बेटी और बेटे में कोई अंतर नहीं है। बेटी की अनदेखी ना करें। उन्हें मौका दें, एक दिन वे जरूर नाम रोशन करेंगी।
क्रिकेट के शिखर पर पूनम यादव
जिले के कस्बा घिरोर क्षेत्र के गांव नगला महुआहार निवासी पूनम यादव पर जिले को नाज है। पूनम यादव अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम में प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। पूनम यादव के बेहतर प्रदर्शन को देखकर जिले की महिला क्रिकेटरों ने भी उड़ान भरी है। वर्ष 2017 तक जिले में महिला क्रिकेट टीम नहीं थी। इसी वर्ष पूनम मैनपुरी में आईं। नौ अगस्त 2017 को उन्होंने जिले में रोड शो के दौरान महिला क्रिकेटरों को एक नई दिशा दी। पूनम ने वर्तमान में महिला टी-20 विश्वकप में बेहतर गेंदबाजी कर विश्व में तहलका मचाया है।
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वायुसेना में प्रियंका बढ़ा रहीं मान
किशनी क्षेत्र के गांव चांदा निवासी एड. रामनरेश यादव की बेटी प्रियंका यादव वायुसेना में जिले का मान बढ़ा रही है। तीन बेटियाें में दूसरे नंबर की बेटी प्रियंका का लालन-पालन पिता ने बेटे की तरह से किया। बेटी का भी सपना था कि वह पिता के हर अरमान को पूरा करे। प्रियंका ने पिता का सपना वर्ष 2007 में पूरा किया। जनवरी 2007 में उन्होंने फ्लाइंग ऑफीसर के पद पर नियुक्ति पाई। उनका कहना है कि बेटी और बेटे में कोई अंतर नहीं है। बेटी की अनदेखी ना करें। उन्हें मौका दें, एक दिन वे जरूर नाम रोशन करेंगी।
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क्रिकेट के शिखर पर पूनम यादव
जिले के कस्बा घिरोर क्षेत्र के गांव नगला महुआहार निवासी पूनम यादव पर जिले को नाज है। पूनम यादव अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम में प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। पूनम यादव के बेहतर प्रदर्शन को देखकर जिले की महिला क्रिकेटरों ने भी उड़ान भरी है। वर्ष 2017 तक जिले में महिला क्रिकेट टीम नहीं थी। इसी वर्ष पूनम मैनपुरी में आईं। नौ अगस्त 2017 को उन्होंने जिले में रोड शो के दौरान महिला क्रिकेटरों को एक नई दिशा दी। पूनम ने वर्तमान में महिला टी-20 विश्वकप में बेहतर गेंदबाजी कर विश्व में तहलका मचाया है।
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शिव शक्ति मेला समूह की अध्यक्ष वीरवती
- फोटो : अमर उजाला
दोना और पत्तल से मिला रोजगार
राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन से जुड़कर स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रहे हैं। ऐसा ही एक समूह है बेवर में संचालित शिव शक्ति मेला समूह। समूह की अध्यक्ष वीरवती ने दो साल पहले इसकी शुरुआत की थी। उन्होंने दोना और पत्तल बनाने की मशीन लगाई थी। पहले उन्होंने खुद दोना और पत्तल तैयार किए, इसके बाद गांव की महिलाओं को भी इससे जोड़ा। उनके द्वारा तैयार सामान की खपत जिले में ही हो जाती हैं। वीरवती बताती हैं कि जितना भी माल तैयार होता है वह घर से दुकानदार ले जाते हैं। वे जल्द ही बड़ी मशीन लगाएंगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन से जुड़कर स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रहे हैं। ऐसा ही एक समूह है बेवर में संचालित शिव शक्ति मेला समूह। समूह की अध्यक्ष वीरवती ने दो साल पहले इसकी शुरुआत की थी। उन्होंने दोना और पत्तल बनाने की मशीन लगाई थी। पहले उन्होंने खुद दोना और पत्तल तैयार किए, इसके बाद गांव की महिलाओं को भी इससे जोड़ा। उनके द्वारा तैयार सामान की खपत जिले में ही हो जाती हैं। वीरवती बताती हैं कि जितना भी माल तैयार होता है वह घर से दुकानदार ले जाते हैं। वे जल्द ही बड़ी मशीन लगाएंगी।