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Agra News: महिला ने 25 साल लड़ी लड़ाई, एडीए से ब्याज सहित रकम पाई
Sat, 10 Jan 2026 02:15 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 10 Jan 2026 02:15 AM IST
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आगरा। एडीए ने शुल्क जमा करने के बाद भी मकान का नक्शा पास नहीं किया। पीड़िता ने निर्माण शुरू किया तो नक्शा पास कराने के नाम पर आपत्ति दर्शाकर 84,839 रुपये की वसूली की। इसके बाद भी समाधान न होने पर पीड़िता ने जिला से राज्य उपभोक्ता आयोग तक करीब 25 साल लड़ाई लड़ी, अब उन्हें एडीए से ब्याज सहित रकम वापस मिल सकी है। हरीपर्वत थाना क्षेत्र की लता कुंज कॉलोनी निवासी मंजू कंसल ने आयोग में वाद दायर किया था। बताया कि उन्होंने 16 जनवरी 1998 को भरतपुर हाउस स्थित प्लाॅट संख्या 43, मकान बनाने के लिए चेतना हाउसिंग सोसाइटी के संजीव बजाज से खरीदा था। एडीए ने 1984 में काॅलोनी पास की थी। उन्होंने मकान का नक्शा पास कराने के लिए एडीए में शुल्क सहित 5 अगस्त 1998 को आवेदन किया।
एडीए ने 90 दिन तक न तो नक्शा स्वीकृत न ही अस्वीकृत किया। 30 दिन का विधिक नोटिस देकर उन्होंने 1999 में प्लाॅट पर नींव खुदवाना शुरू किया तो एडीए की टीम आ गई। काम रुकवा दिया। 84,839 रुपये जमा कराने का आदेश देने पर निर्माण की स्वीकृति देने के लिए कहा गया। उन्होंने आपत्ति के साथ रकम जमा करा दी थी।
इसके बाद भी समाधान न होने पर पीड़िता ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में वाद दायर किया। 26 नवंबर 2002 को आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष ने पीड़िता के पक्ष में आदेश दिए। एडीए ने राज्य आयोग में अपील की। वहां से पीड़िता की जीत हुई। 25 साल बाद एडीए को ब्याज सहित 6.89 लाख रुपये देने पड़े।
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एडीए ने 90 दिन तक न तो नक्शा स्वीकृत न ही अस्वीकृत किया। 30 दिन का विधिक नोटिस देकर उन्होंने 1999 में प्लाॅट पर नींव खुदवाना शुरू किया तो एडीए की टीम आ गई। काम रुकवा दिया। 84,839 रुपये जमा कराने का आदेश देने पर निर्माण की स्वीकृति देने के लिए कहा गया। उन्होंने आपत्ति के साथ रकम जमा करा दी थी।
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इसके बाद भी समाधान न होने पर पीड़िता ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में वाद दायर किया। 26 नवंबर 2002 को आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष ने पीड़िता के पक्ष में आदेश दिए। एडीए ने राज्य आयोग में अपील की। वहां से पीड़िता की जीत हुई। 25 साल बाद एडीए को ब्याज सहित 6.89 लाख रुपये देने पड़े।
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