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Agra News: किशाेरी के अपहरण में दोषी महिला को 15 साल बाद हुई 7 साल कैद
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आगरा। आपराधिक षड्यंत्र और किशोरी का अपहरण करने के आरोप में अदालत ने जिला मथुरा के थाना बल्देव क्षेत्र के गांव नगला जोराबल निवासी सूरजमुखी को दोषी पाया। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट बी नारायण ने 7 साल कैद के साथ 30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुना दी।
थाना कागारौल में दर्ज केस के अनुसार किशोरी के पिता ने पुलिस उप महानिरीक्षक को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। आरोप लगाया था कि 22 दिसंबर 2010 की रात 8 बजे वह ड्यूटी कर घर लौट रहे थे। रास्ते में उनके चाचा के लड़के महावीर सिंह, सतेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, सूरजमुखी और रेखा मिले थे। वे सब उनकी पुत्री को भी अपने साथ लेकर जा रहे थे। पूछने पर कहा कि अभी लौटकर आ रहे हैं। इसके बाद देर रात तक पुत्री लौटकर घर वापस नहीं आई। आसपास तलाश करने पर भी पता नहीं चल सका। पुलिस ने केस दर्ज कर सूरजमुखी और उसकी पुत्री रेखा के विरुद्ध ही अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने रेखा की पत्रावली अलग कर दी। सूरजमुखी की पत्रावली का विचारण हुआ। अभियोजन की तरफ से पीड़िता सहित 6 गवाह अदालत में पेश किए गए। दोषी महिला के अधिवक्ता ने बचाव हेतु प्रस्तुत तर्क दिए कि वह एचआईबी की मरीज है। सीनियर सिटीजन है। इसके बाद भी ढ़ाई साल से जेल में निरुद्ध है। उसके साथ सहानुभूति पूर्ण रुख अपनाया जाए। संवाद
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थाना कागारौल में दर्ज केस के अनुसार किशोरी के पिता ने पुलिस उप महानिरीक्षक को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। आरोप लगाया था कि 22 दिसंबर 2010 की रात 8 बजे वह ड्यूटी कर घर लौट रहे थे। रास्ते में उनके चाचा के लड़के महावीर सिंह, सतेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, सूरजमुखी और रेखा मिले थे। वे सब उनकी पुत्री को भी अपने साथ लेकर जा रहे थे। पूछने पर कहा कि अभी लौटकर आ रहे हैं। इसके बाद देर रात तक पुत्री लौटकर घर वापस नहीं आई। आसपास तलाश करने पर भी पता नहीं चल सका। पुलिस ने केस दर्ज कर सूरजमुखी और उसकी पुत्री रेखा के विरुद्ध ही अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने रेखा की पत्रावली अलग कर दी। सूरजमुखी की पत्रावली का विचारण हुआ। अभियोजन की तरफ से पीड़िता सहित 6 गवाह अदालत में पेश किए गए। दोषी महिला के अधिवक्ता ने बचाव हेतु प्रस्तुत तर्क दिए कि वह एचआईबी की मरीज है। सीनियर सिटीजन है। इसके बाद भी ढ़ाई साल से जेल में निरुद्ध है। उसके साथ सहानुभूति पूर्ण रुख अपनाया जाए। संवाद
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