फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Woman Burnt Alive Case: Victim Statement Record In Mobile

महिला को जिंदा जलाकर मारने का मामलाः ‘मुझे जलाने वालों को सजा मिलने तक चुप नहीं बैठना’

Thu, 15 Oct 2020 02:06 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 15 Oct 2020 02:06 PM IST
सार

अनिल ने बताया कि संगीता पंचायत से चली आई थी। उसके पीछे भरत खरे के लोग आए थे। घर जाने के दो रास्ते हैं। जिससे संगीता गई, वे उससे दूसरे रास्ते से आए। वह जब पहुंचा, तब तक संगीता को जलाया जा चुका था। वह दरवाजे पर चीख रही थी। रेत पर गिर पड़ी थी। उसने दिल्ली ले जाते समय रास्ते में चार आरोपियों के नाम बताए। इन्हें नामजद करा दिया।

विज्ञापन
Woman Burnt Alive Case: Victim Statement Record In Mobile
मृतका संगीता का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुझे जलाने वालों को सजा दिलाने तक चुप नहीं बैठना, उन्होंने मुझे बहुत अपमानित किया, कोई इतना अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता, वे जालिम हैं, जालिमों को सजा दिलाकर रहना... 90 फीसदी झुलसी संगीता ने दम तोड़ने से पहले यह बयान दिया था। इसका दावा उनके पति अनिल ने किया है। अनिल का कहना है कि बयान मोबाइल में रिकॉर्ड किया है। वह पुलिस को सौंप देगा ताकि इसे जांच में शामिल किया जा सके।
विज्ञापन


अनिल ने बताया कि संगीता पंचायत से चली आई थी। उसके पीछे भरत खरे के लोग आए थे। घर जाने के दो रास्ते हैं। जिससे संगीता गई, वे उससे दूसरे रास्ते से आए। वह जब पहुंचा, तब तक संगीता को जलाया जा चुका था। वह दरवाजे पर चीख रही थी। रेत पर गिर पड़ी थी। उसने दिल्ली ले जाते समय रास्ते में चार आरोपियों के नाम बताए। इन्हें नामजद करा दिया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- महिला को जिंदा जलाकर मारने का मामलाः एसएसपी ने चौकी प्रभारी लाइन किए, एससी-एसटी मुकदमे की होगी जांच
विज्ञापन
विज्ञापन


बिना जांच के गिरफ्तारी के लिए पहुंच गई थी पुलिस
अनिल ने बताया कि एससी-एसटी के मुकदमे में बिना जांच के लिए पुलिस दबिश देने के लिए पहुंच गई थी। भरत खरे ने मुकदमा छह अक्तूबर को दर्ज कराया था। मामला बच्चों के झगड़े का था। कॉलोनी के लोगों ने उससे कहा कि वह चिंता न करे, पुलिस जांच करेगी तो सच्चाई सामने आ जाएगी। लेकिन आठ अक्तूबर को पुलिस गिरफ्तारी के लिए दबिश देने पहुंच गई। वह घर पर नहीं था। पत्नी से कहा कि उसे थाने भेज दो, जेल जाएगा।

चौकी में बैठाए जाने से दहशत में थी संगीता
अनिल ने बताया कि दबिश के बाद उसे और संगीता को चौकी में बुलाया गया। पूरे दिन बैठाकर रखा गया। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि यह बच्चों के झगड़े का मामला है, आपस में बातचीत करके सुलझा लिया जाएगा, तब छोड़ा।


चौकी में पूरे दिन बैठाए जाने के बाद से ही संगीता दहशत में आ गई थी। अब सिर्फ यही रास्ता बचा था कि माफी मांगकर केस वापस कराया जाएगा, वरना पुलिस को जेल भेजने के लिए तैयार ही बैठी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed