फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   woman and her daughter found guilty of abducting

नासमझ छात्रा को भगाने की मां-बेटी को मिली सजा, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया

Wed, 11 Oct 2017 08:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो/अमर उजाला मैनपुरी Updated Wed, 11 Oct 2017 08:43 PM IST
विज्ञापन
woman and her daughter found guilty of abducting
court
मैनपुरी में पांच साल पहले नाबालिग छात्रा को भगाने के दोषी मिले मां-बेटी को एफटीसी प्रथम अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई है। 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। दोनों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।
विज्ञापन


बताया गया है कि मैनपुरी के थाना बरनाहल के एक गांव की रहने वाली एक किशोरी वर्ष 2012 में कक्षा नौ की छात्रा थी। पांच दिसंबर की रात वह घर पर थी। तभी गांव का ही रहने वाला एक किशोर गांव में रहने वाली अपनी बुआ अनीता और उसकी बेटी की मदद से उसे बहला फुसलाकर ले गया। 
विज्ञापन


तलाश के बाद पता नहीं चलने पर किशोरी के बाबा ने सात दिसंबर को तीनों के खिलाफ थाना बरनाहल में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने किशोरी को बरामद करके नौ दिसंबर 2012 को उसका मेडिकल कराया। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

किशोरी ने तीनों के खिलाफ दी गवाही

14 दिसंबर 2012 को किशोरी का मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया गया। किशोरी ने तीनों के खिलाफ मजिस्ट्रेट के समक्ष गवाही दी। पुलिस ने जांच में दोषी पाकर तीनों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया।

मामले की सुनवाई एफटीसी प्रथम के जज आनंद कुमार सिंह की अदालत में की गयी। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता सहित छह गवाह पेश किए गए। एफटीसी जज ने मां-बेटी को दोषी पाते हुए उनको पांच पांच साल की सजा सुनाई गई है। दोनों को 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 

पीड़िता को दिए जाएंगे 20 हजार रुपये

एफटीसी जज ने निर्णय में लिखा है पीड़िता किशोरी को 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। जुर्माने की धनराशि में से शेष 10 हजार रुपये सरकारी कोष में जमा किए जाएंगे। अगर पीड़िता को पहले सहायता मिल चुकी है तो उसको रुपये नहीं दिए जाएंगे।

वहीं किशोरी को भगाने का आरोपी भी नाबालिग है। गवाही के दौरान आरोपी के नाबालिग होने की बात सामने आने पर उसकी फाइल सुनवाई के लिए किशोर अदालत में भेजी गयी है। पीड़िता ने आरोपी पर दुष्कर्म करने का आरोप भी लगाया है। जबकि मां-बेटी पर किशोरी को केवल भगाने का आरोप है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed