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Mainpuri: खेत में मगरमच्छ को देख ग्रामीणों में मचा हड़कंप, वाइल्डलाइफ एसओएस ने किया रेस्क्यू

Fri, 28 Oct 2022 04:22 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 28 Oct 2022 04:22 PM IST
सार

गुरुवार को एक मगरमच्छ नहर से निकलकर खेतों में पहुंच गया। ग्रामीणों ने खेत में मगरमच्छ देखा तो डर गए। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद वाइल्डलाइफ एसओएस को सूचना दी गई। 

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Wildlife SOS rescued crocodile in mainpuri
खेत में मगरमच्छ - फोटो : Wildlife SOS

विस्तार

मैनपुरी के बसवापुर गांव के एक खेत में गुरुवार को पांच फीट लंबा मगरमच्छ देख ग्रामीण दहशत में आ गए। स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग अधिकारियों को दी, जिन्होंने तुरंत अपनी टीम को स्थान पर भेजा। टीम ने वाइल्डलाइफ एसओएस को घटना से अवगत कराया। मौके पर पहुंची वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने मगरमच्छ को पकड़ कर उसे इटावा जिले में ले जाकर चंबल नदी में छोड़ दिया।

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बसवापुर गांव से करीब दो किमी दूर नहर है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को एक मगरमच्छ नहर से निकलकर खेतों में पहुंच गया। ग्रामीणों ने खेत में मगरमच्छ देखा तो डर गए। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। उन्होंने आगरा से वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट को मगरमच्छ को पकड़ने के लिए बुलाया। 

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एक घंटे तक चला रेस्क्यू 

तीन सदस्यीय टीम ने देर रात घटनास्थल पर पहुचते ही भीड़ को नियंत्रण में कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सभी एहतियात बरतते हुए टीम ने मगरमच्छ को सावधानीपूर्वक पकड़ने के लिए सुरक्षा जाल का इस्तेमाल किया। एक घंटे तक चले इस बचाव अभियान में मगरमच्छ को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया, जिसे बाद में वन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में इटावा जिले में चंबल नदी में छोड़ दिया गया।

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ग्रामीणों से मिला सहयोग 

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि कई लोग आज भी गांव में मगरमच्छ को देखकर घबरा जाते हैं। उसे चोट पहुंचाने की कोशिश करते हैं। हालांकि इस मामले में ग्रामीण बेहद सहयोगी थे। उन्होंने सूचना देकर मगरमच्छ को पकड़वाया। इससे पता चलता है कि जागरूकता और शिक्षा कितना प्रभाव ला सकती है। 

वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एमवी ने कहा कि मगरमच्छ सबसे अधिक मीठे पानी के इलाके जैसे नदियां, झील, गांव के तालाब और मानव निर्मित जलाशयों में पाए जाते हैं। इस मामले में मगरमच्छ नहर से निकल कर गांव में घुस आया होगा। उसे पकड़कर चंबल नदी में छोड़ दिया गया है। 
 
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