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हथिनी के हत्यारों की सूचना देने पर एक लाख का इनाम, वाइल्डलाइफ एसओएस ने किया एलान
Fri, 05 Jun 2020 06:30 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 05 Jun 2020 06:30 PM IST
सार
केरल की घटना के बाद वाइल्डलाइफ एसओएस ने स्थानीय रूप से बनाए जा रहे विस्फोटक या देशी बमों की बिक्री और खरीद पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक याचिका भी शुरू की है।
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केरल गर्भवती हथिनी की हत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केरल में गर्भवती हथिनी को फल के साथ विस्फोटक खिलाकर मारने के मामले की चौतरफा निंदा हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग इस क्रूर कृत्य को अंजाम वालों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। इस बीच आगरा की संस्था वाइल्डलाइफ एसओएस ने हथिनी के हत्यारों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सबूत के साथ सूचना देने पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि हमने अपनी एलीफेंट लीगल डिफेंस फंड के माध्यम से केरल के वन विभाग को सहायता की पेशकश की है। हमें उम्मीद है कि दोषियों को गिरफ्तार कर जल्द से जल्द इस अमानवीय अपराध के लिए कड़ी सजा दी जाएगी।
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उन्होंने बताया कि हाथी, हिरण और अन्य वन्य पशुओं को क्षति पहुंचाना पशु अधिनियम 1972 कानून के तहत गैरजमानती अपराध है, इसमें सात साल की कैद का प्रावधान है। टाडा कानून के तहत विस्फोटक पदार्थ और हथियार भारत में पूरी तरह निषिद्ध है।
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वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि हमने अपनी एलीफेंट लीगल डिफेंस फंड के माध्यम से केरल के वन विभाग को सहायता की पेशकश की है। हमें उम्मीद है कि दोषियों को गिरफ्तार कर जल्द से जल्द इस अमानवीय अपराध के लिए कड़ी सजा दी जाएगी।
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उन्होंने बताया कि हाथी, हिरण और अन्य वन्य पशुओं को क्षति पहुंचाना पशु अधिनियम 1972 कानून के तहत गैरजमानती अपराध है, इसमें सात साल की कैद का प्रावधान है। टाडा कानून के तहत विस्फोटक पदार्थ और हथियार भारत में पूरी तरह निषिद्ध है।
जिस तरह 15 साल की गर्भवती हथिनी को विस्फोटक खिलाया गया और उससे उसका मुंह जबड़ा आदि क्षत-विक्षत हो गया। अंदुरुनी चोट के कारण कुछ खा भी नहीं पाई। यह क्रूरतापूर्ण कृत्य है। इसको अंजाम देने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
'हाथी जैसे पशु देश की शान'
कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि हाथी जैसे जानवर भारत देश की शान हैं। वे भारतीय कानून के तहत संरक्षित भी हैं। इस तरह के अपराधों में तेजी से कार्रवाई की जरूरत है जिससे दोषियों की तत्काल सजा। ताकि भविष्य में कोई भी जानवर के साथ ऐसी क्रूरता न कर सके।
यह है मामला
केरल के मलप्पुरम में एक गर्भवती हथिनी की पानी में खड़े-खड़े मौत हो गई थी। स्थानीय अधिकारी ने इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट की, तब यह मामला सामने आया। भूखी हथिनी खाने की तलाश में जंगल से भटक कर रिहायशी इलाके में पहुंच गई थी। इसी दौरान उसे पटाखे से भरा अनन्नास खिला दिया गया था, जिससे उसका मुंह जबड़ा फट गया। वो तीन दिन तक पानी में खड़ी रही थी।
'हाथी जैसे पशु देश की शान'
कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि हाथी जैसे जानवर भारत देश की शान हैं। वे भारतीय कानून के तहत संरक्षित भी हैं। इस तरह के अपराधों में तेजी से कार्रवाई की जरूरत है जिससे दोषियों की तत्काल सजा। ताकि भविष्य में कोई भी जानवर के साथ ऐसी क्रूरता न कर सके।
यह है मामला
केरल के मलप्पुरम में एक गर्भवती हथिनी की पानी में खड़े-खड़े मौत हो गई थी। स्थानीय अधिकारी ने इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट की, तब यह मामला सामने आया। भूखी हथिनी खाने की तलाश में जंगल से भटक कर रिहायशी इलाके में पहुंच गई थी। इसी दौरान उसे पटाखे से भरा अनन्नास खिला दिया गया था, जिससे उसका मुंह जबड़ा फट गया। वो तीन दिन तक पानी में खड़ी रही थी।