आगरा: 'आग का गोला' बनकर गली में 50 मीटर तक दौड़ी महिला, मंजर देख कांप गए लोग
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बचाने की कोशिश में महिला का पति रामज्ञान और पड़ोसी प्रताप सिंह बुरी तरह झुलस गए। तीनों पर गांव वालों ने पानी डालकर आग बुझाई। तब तक कस्तूरी 90 फीसदी झुलस चुकी थी। तीनों को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। कस्तूरी देवी की हालत गंभीर बनी हुई है।
पत्नी को बचाने में झुलसे रामज्ञान ने बताया कि कस्तूरी के बेहोश होने से पहले उससे बात हुई। उसने बताया कि उसे डर था कि आरोपी जेठ कहीं उस पर (पति पर) हमला न कर दें, इसलिए उसने खुद को आग लगाई।
इसमें कस्तूरी की पिटाई की गई। इसके बाद भूरी सिंह ने जैसे ही रामज्ञान पर हाथ छोड़ा, वैसे ही कस्तूरी भागकर गई और केरोसीन की केन उठा लाई। उसने खुद को आग लगा ली।
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आग बुझने तक रामज्ञान 60 फीसदी और प्रताप सिंह 35 फीसदी झुलस गए। तीनों को पहले बाह सीएचसी ले जाया गया। वहां से आगरा रेफर किया गया। बाह थाना के इंस्पेक्टर ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।
जिंदगी और मौत के बीच झूल रही 90 फीसदी झुलसी कस्तूरी देवी की हालत देखकर उसकी मां मुन्नी देवी और बहन मिथिलेश बेसुध हो गईं। बच्चे गौतम (5), संध्या (10) और अनुराधा (7) की आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं।