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यूपीः दोस्त संग मिलकर पति को उतारा मौत के घाट, सौ दिन बाद बरामद हो सका कंकाल
Wed, 10 Jul 2019 12:11 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 10 Jul 2019 12:11 AM IST
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पुलिस गिरफ्त में हत्या के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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सौ दिन पहले लापता हुए खेड़ा राठौर के सत्यपाल (27) की हत्या का खुलासा करते हुए मंगलवार को बाह पुलिस ने उसके दोस्त समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार आरोपियों में मृतक की पत्नी भी शामिल है। पुलिस का दावा है कि पत्नी के साथ मिलकर ही दोस्त ने हत्या की साजिश रची थी।
खेड़ा राठौर निवासी सत्यपाल विगत 27 मार्च को लापता हो गया था। सोमवार को बाह के सुंसार गांव के बीहड़ से उसका कंकाल बरामद हुआ था। कपड़े आदि से घरवालों ने उसकी पहचान की थी।
बताया जाता है कि पांच साल पहले सत्यपाल पुत्र रामप्रकाश और पिढ़ौरा के गोपालपुरा गांव के रहने वाले विजय पुत्र रामनिवास सूरत में हलवाई का काम करते हुए दोस्त बन गए। परिजनों के मुताबिक एक साल पहले विजय ने सत्यपाल से 85 हजार रुपये और सोने की चार चूड़ी उधार ली थी। जिनकी वापसी के लिए दोनो में विवाद भी हुआ।
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खेड़ा राठौर निवासी सत्यपाल विगत 27 मार्च को लापता हो गया था। सोमवार को बाह के सुंसार गांव के बीहड़ से उसका कंकाल बरामद हुआ था। कपड़े आदि से घरवालों ने उसकी पहचान की थी।
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बताया जाता है कि पांच साल पहले सत्यपाल पुत्र रामप्रकाश और पिढ़ौरा के गोपालपुरा गांव के रहने वाले विजय पुत्र रामनिवास सूरत में हलवाई का काम करते हुए दोस्त बन गए। परिजनों के मुताबिक एक साल पहले विजय ने सत्यपाल से 85 हजार रुपये और सोने की चार चूड़ी उधार ली थी। जिनकी वापसी के लिए दोनो में विवाद भी हुआ।
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पुलिस के मुताबिक घर आने जाने के दौरान विजय और सत्यपाल की पत्नी के बीच भी मित्रता हो गई थी। इसके बाद दोनों ने सत्यपाल को रास्ते से हटाने के लिए उसकी हत्या की साजिश रची।
इसे अंजाम देने के लिए विजय ने राजाराम पुरा बाह के सैकी उर्फ शिवव्रत पुत्र हरी, विपिन पुत्र छविराम, छत्रपाल पुत्र रामकिशन की सहायता से 27 मार्च को सत्यपाल को अगवा कर लिया। उसकी हत्या कर यमुना के बीहड़ में शव फेंक दिया। घटना के समय सत्यपाल खंदौली के मलपुरा गांव अपनी ससुराल से लौट रहा था।
मामले में बाह पुलिस ने ताऊ सिद्धनाथ की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज की थी। सिद्धनाथ के चाचा और बहन पिंकी आदि ने एसएसपी से हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत की। इसके बाद जांच में जुटी पुलिस ने मृतक की पत्नी के साथ ही दोस्त विजय, सैकी, विपिन को गिरफ्तार कर सोमवार को सुंसार के बीहड़ से सत्यपाल का कंकाल बरामद किया। इंस्पेक्टर बाह प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि फरार आरोपी क्षत्रपाल की तलाश की जा रही है।
इसे अंजाम देने के लिए विजय ने राजाराम पुरा बाह के सैकी उर्फ शिवव्रत पुत्र हरी, विपिन पुत्र छविराम, छत्रपाल पुत्र रामकिशन की सहायता से 27 मार्च को सत्यपाल को अगवा कर लिया। उसकी हत्या कर यमुना के बीहड़ में शव फेंक दिया। घटना के समय सत्यपाल खंदौली के मलपुरा गांव अपनी ससुराल से लौट रहा था।
मामले में बाह पुलिस ने ताऊ सिद्धनाथ की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज की थी। सिद्धनाथ के चाचा और बहन पिंकी आदि ने एसएसपी से हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत की। इसके बाद जांच में जुटी पुलिस ने मृतक की पत्नी के साथ ही दोस्त विजय, सैकी, विपिन को गिरफ्तार कर सोमवार को सुंसार के बीहड़ से सत्यपाल का कंकाल बरामद किया। इंस्पेक्टर बाह प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि फरार आरोपी क्षत्रपाल की तलाश की जा रही है।
पिता सत्यपाल की हत्या के बाद पत्नी के जेल जाने पर उसके बच्चों छह और चार साल के बेटों के भविष्य को लेकर परिजन परेशान हैं। सत्यपाल के चचेरे भाई रामलखन के पास रह रहे बेटे मां की याद में रोते दिखे। रामलखन ने बताया कि मां के बाजार जाने की बात कहकर बच्चों को चुप कराना पड़ रहा है।