फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Why accidents on Yamuna Expressway big reason revealed

Yamuna Expressway: यमुना एक्सप्रेस-वे पर क्यों सैकड़ों लोग गंवा रहे जान, सामने आई बड़ी वजह; बरतें ये सावधानी

Sun, 07 Apr 2024 09:35 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 07 Apr 2024 09:35 AM IST
सार

 यमुना एक्सप्रेस-वे पर वर्ष 2012 से वर्ष 2023 तक 7,625 हादसे हुए हैं। इन हादसों में 1,320 लोगों की मौत हुई है।  यमुना एक्सप्रेस-वे पर औसतन चार दिन में एक मौत हो रही है।
 

विज्ञापन
Why accidents on Yamuna Expressway big reason revealed
यमुना एक्सप्रेस वे - फोटो : संवाद

विस्तार

यमुना एक्सप्रेस-वे का सफर घातक होता जा रहा है। 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेस-वे पर होने वाले सड़क हादसों का मुख्य कारण वाहन चालकों को झपकी आना और ओवर स्पीड यानी तेज गति है। यह बात यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (येडा) ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत खुलासा किया है। वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन बताते हैं कि यमुना एक्सप्रेस-वे पर वर्ष 2012 से वर्ष 2023 तक 7,625 हादसे हुए। जिनमें झपकी लगने के कारण हुए 3,364 और ओवर स्पीड के कारण 1,304 हादसे थे। इस अवधि में सभी हादसों में 1,320 लोगों की मौत हुई। जिसमें से 522 लोगों की मौत झपकी आने से हुई और 201 लोगों की मौत ओवर स्पीड के कारण हुई।
विज्ञापन


घायलों की संख्या 11,168 थी। जिसमें से 4,181 लोग झपकी आने के कारण हुए सड़क हादसों में और 1,819 लोग ओवर स्पीड के कारण घायल हुए। वर्ष 2023 में यमुना एक्सप्रेस-वे से लगभग 3 करोड़ वाहन निकले और यदि वर्ष 2012 से 2023 तक यमुना एक्सप्रेस-वे से निकले वाहनों की संख्या देखें तो वह 23,21,49,852 थी, जो बताती है कि यमुना एक्सप्रेस-वे कितना महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन


वरिष्ठ अधिवक्ता ने यह मांग की थी कि पिछले 12 वर्षों के यमुना एक्सप्रेस-वे के सड़क हादसों का मुख्य कारण क्या है? झपकी आने का जो कारण निकलकर आया है, उसको सड़क सुरक्षा नीति का मुख्य आधार बनाया जाना चाहिए ताकि इस कारण से होने वाले हादसों में कमी आ सके। इसके लिए यह जरूरी है कि देर रात वाहनों के आवागमन को रोका जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


वाहन स्वामियों और ड्राइवरों को जागरूक किया जाए। अधिवक्ता जैन ने केंद्र सरकार से यह भी अपील की है कि सड़क हादसे के डाटा को एकत्र करने की व्यवस्था में सुधार किया जाए। यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो शीघ्र ही अधिवक्ता जैन सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका प्रस्तुत करेंगे।

हादसे घटे मगर मौतें कम नहीं हुईं
2023 में वर्ष 2022 की अपेक्षा यमुना एक्सप्रेस-वे पर 100 सड़क हादसे अधिक हुए हैं। यही नहीं, वर्ष 2022 में 311 सड़क हादसे हुए थे, जबकि वर्ष 2023 में सड़क हादसों की संख्या 411 थी। वर्ष 2023 में घायलों की संख्या 725 थी, जबकि वर्ष 2022 में यह संख्या 621 थी यानी 104 व्यक्ति अधिक घायल हुए।


औसतन चार दिन में एक मौत
वर्ष 2023 में 2022 के मुकाबले यमुना एक्सप्रेस-वे के सड़क हादसों में कम लोगों की मौत हुई। वर्ष 2023 में 92 लोगों की, वर्ष 2022 में 102 की मौत हुईं। कुल मिलाकर वर्ष 2023 में यमुना एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसों में औसतन 4 दिनों में एक व्यक्ति की मौत हो गई। प्रतिदिन घायल होने वालों की संख्या औसतन 2 थी।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed