फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   When Pratap Faujdar tickled with jokes, the audience laughed out loud.

Agra News: प्रताप फौजदार ने लतीफों से गुदगुदाया तो ठहाके लगाकर हंसे श्रोता

Thu, 28 Dec 2023 11:22 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Thu, 28 Dec 2023 11:22 PM IST
विज्ञापन
When Pratap Faujdar tickled with jokes, the audience laughed out loud.
सोरोंजी। तीर्थनगरी के मेला मार्गशीर्ष में मेला पंडाल में बुधवार की रात्रि को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। इस कवि सम्मेलन में आगरा के हास्य कवि डॉ. प्रताप फौजदार ने श्रोताओं को जमकर ठहाके लगवाए। उन्होंने राजनीतिज्ञों पर जबरदस्त व्यंग्य बाण चलाए। उनके द्वारा प्रस्तुत हास्य रचनाओं पर लोग देर तक ठहाके लगाते रहे। इस दौरान कवियों को सम्मानित किया गया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ नगरपालिका अध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे ने भगवान वराह, मां गंगा एवं मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कवयित्री डॉ. शैलजा दुबे ने सरस्वती वंदना की कि बागीश्वरी वरदान दो, जगदंबिका वरदान दो, हम सूर का वंदन करें, तुलसी का अभिनंदन करें, मीरा के जैसे सहज मन, रैदास सा सम्मान हो। वहीं दूसरी रचना अधखिले फूल शाखों से तोड़े नहीं, प्रेमपथ पर पड़े पांव मोड़े नहीं, विष मिले या कि वनवास संसार से, राधिका ने कभी श्याम छोड़े नहीं प्रस्तुत की। हास्य कवि प्रताप फौजदार ने श्रोताओं को खूब हंसाया। उन्होंने राजनीतिज्ञों पर एक से बढ़कर एक रचनाएं पेश की। अपने अनूठे अंदाज में लतीफे सुनाकर श्रोताओं खूब गुदगुदाया। श्रोताओं ने भी जमकर ठहाके लगाए और तालियां बजाकर वाह-वाही की।बाल कवयित्री उन्नति भारद्वाज ने रचना पढ़ी कि बेटी हूं सशक्त गीत ओज के गाती हूं,भारत की यश गाथा गाकर प्रीत पताका लहराती हूं। वहीं दूसरी रचना राम हैं राम हैं राम हैं राम हैं, भव्य सजता-संवरता अवध धाम है प्रस्तुत की। ओज कवि मोहित सक्सेना ने कभी कपट से षडयंत्र से मक्कारों से हारोगे, और कभी तुम अपने घर के गद्दारों से हारोगे रचना प्रस्तुत की। ओज कवि सुमित ओरछा ने रहने वाले गिरि कंदरा के अंदर भी लड़ जाते हैं, आतुर होकर ये धरती और अंबर भी लड़ जाते हैं, संख्या बल से धर्म मिटाने के मंसूबे वाले सुन, यहां धर्म की रक्षा हेतु बंदर भी लड़ जाते हैं रचना प्रस्तुत की। संयोजक कवि मनोज मधुवन ने सोरोंजी शूकर क्षेत्र में है वराह का धाम, यहां कुंड मां हरिपदी जपें सभी हरिनाम, सोरों शूकर क्षेत्र में मोक्ष धरा है धाम, जन्मे थे तुलसी यहां जिनके प्रभु श्री राम रचना प्रस्तुत की। कवि बलराम श्रीवास्तव ने रचना प्रस्तुत की कि प्राण पर देह का आवरण जिंदगी,देह के ग्रंथ का व्याकरण जिंदगी, रावणी शक्ति जब संत बनकर चली, तो लगा जानकी का हरण जिंदगी। हास्य कवि सुदीप भोला ने राजनीति पर कटाक्ष करते हुए चुटीले व्यंग्य किए। डा. रुचि चतुर्वेदी ने काव्य पाठ किया कि पांखुरि पांखुरि इठलाती है, नव पराग नव दल पाते हैं...।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed