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Agra News: 50 किलो प्रति बीघा की मजदूरी पर काट रहे गेहूं की फसल
Mon, 10 Apr 2023 11:39 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 10 Apr 2023 11:39 PM IST
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अमांपुर (कासगंज)। खेतों में पकी खड़ी गेहूं की फसल को किसान जल्दी घर ले जाने में जुटे हैं। गेहूं की कटाई के लिए श्रमिकों ने भी मजदूरी बढ़ा दी है। प्रति बीघा की कटाई के लिए 50 किलो गेहूं मजदूरी मांगी जा रही है। किसानों को गेेहूं की कटाई के लिए श्रमिकों को ढूंढना पड़ रहा है।
किसान गेहूं की फसल को काटने में परिवार सहित जुटे हैं तो कुछ श्रमिकों से कटवा रहे हैं। श्रमिकों ने मजदूरी बढ़ा दी है। पिछले साल 30 से 35 किलो गेहूं प्रति बीघा कटाई चल रही थी। इस बार 50 किलो गेहूं प्रति बीघा कटाई ली जा रही है। रुपये के हिसाब से पिछले वर्ष मजदूरी 600 रुपये प्रति बीघा चल रही थी वह अब 800 से 900 रुपये लिए जा रहे हैं। श्रमिकों का कहना है के बारिश के कारण गेहूं की फसल गिर गई है, उसे काटने में काफी समय लग जाता है। जिससे मजदूरी को बढ़ाया गया है। गेहूं की कटाई के लिए श्रमिकों की तलाश करनी पड़ रही है। श्रमिकों को अधिक मजदूरी का लालच देकर किसान अपनी फसलों को कटवा रहे हैं।
- गेहूं की कटाई के लिए मजदूरों की कमी के चलते किसानों को दिक्कतें हो रही हैं। अधिक मजदूरी देकर गेहूं की कटाई करानी पड़ रही है। - राजवीर, किसान
- पिछले साल के सापेक्ष गेहूं कटाई में किसानों को डेढ़ गुनी तक बढ़ा दी है। मजदूरी बढ़ने से किसानों की फसल पर लागत भी बढ़ गई हैं। - हीरा सिंह, किसान
- गेहूं की फसल गिर जाने से फसल काटने में अधिक समय लग रहा है। मेहनत भी अधिक करनी पड़ रही है। यही कारण है कि मजदूरी अधिक लग रही है। - दर्शन लाल, श्रमिक
- हर चीज पर महंगाई है। यदि मजदूरी कम लेगे तो घर का खर्च कैसे चलेगा। फिर गेहूं कटान का अभी सीजन है, इसके बाद तो इतनी मजदूरी नहीं मिलेगी। - जगदीश, श्रमिक
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किसान गेहूं की फसल को काटने में परिवार सहित जुटे हैं तो कुछ श्रमिकों से कटवा रहे हैं। श्रमिकों ने मजदूरी बढ़ा दी है। पिछले साल 30 से 35 किलो गेहूं प्रति बीघा कटाई चल रही थी। इस बार 50 किलो गेहूं प्रति बीघा कटाई ली जा रही है। रुपये के हिसाब से पिछले वर्ष मजदूरी 600 रुपये प्रति बीघा चल रही थी वह अब 800 से 900 रुपये लिए जा रहे हैं। श्रमिकों का कहना है के बारिश के कारण गेहूं की फसल गिर गई है, उसे काटने में काफी समय लग जाता है। जिससे मजदूरी को बढ़ाया गया है। गेहूं की कटाई के लिए श्रमिकों की तलाश करनी पड़ रही है। श्रमिकों को अधिक मजदूरी का लालच देकर किसान अपनी फसलों को कटवा रहे हैं।
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- गेहूं की कटाई के लिए मजदूरों की कमी के चलते किसानों को दिक्कतें हो रही हैं। अधिक मजदूरी देकर गेहूं की कटाई करानी पड़ रही है। - राजवीर, किसान
- पिछले साल के सापेक्ष गेहूं कटाई में किसानों को डेढ़ गुनी तक बढ़ा दी है। मजदूरी बढ़ने से किसानों की फसल पर लागत भी बढ़ गई हैं। - हीरा सिंह, किसान
- गेहूं की फसल गिर जाने से फसल काटने में अधिक समय लग रहा है। मेहनत भी अधिक करनी पड़ रही है। यही कारण है कि मजदूरी अधिक लग रही है। - दर्शन लाल, श्रमिक
- हर चीज पर महंगाई है। यदि मजदूरी कम लेगे तो घर का खर्च कैसे चलेगा। फिर गेहूं कटान का अभी सीजन है, इसके बाद तो इतनी मजदूरी नहीं मिलेगी। - जगदीश, श्रमिक
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