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आगरा: 30 हजार शादी समारोह पर 'नाइट कर्फ्यू' का साया, वेडिंग इंडस्ट्री की बढ़ी चिंता
Fri, 09 Apr 2021 02:01 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 09 Apr 2021 02:01 PM IST
सार
- आगरा में शनिवार रात से लग सकता है नाइट कर्फ्यू
- वेडिंग इंडस्ट्री की बढ़ी चिंता, काफी ऑडरों को रद्द करना पड़ेगा
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ताजनगरी की वेडिंग इंडस्ट्री की शुक्रवार से लगने वाले रात के कर्फ्यू से चिंता बढ़ गई है। इसका असर 21 अप्रैल से लेकर 18 जुलाई तक होने वाली लगभग तीस हजार शादियों पर पड़ेगा। इस कारण जहां मेहमान शादी समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे तो वहीं काफी ऑडरों को रद्द करना पड़ेगा।
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वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल का कहना है कि शहर में 95 प्रतिशत शादियां शाम के बाद ही होती हैं। इसलिए रात के कर्फ्यू का सबसे ज्यादा प्रभाव वेडिंग इंडस्ट्री को झेलना पड़ेगा। अगले तीन महीनों में होने वाली लगभग तीस हजार में पहले ही इंडस्ट्री लगभग 750 करोड़ रुपये से नीचे आ गई है। रात के कर्फ्यू से काफी ऑर्डरों को रद्द करना पड़ेगा।
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ज्यादातर शादियां रात में
यूपी वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के समन्वयक मनीष अग्रवाल का कहना है कि वेडिंग इंडस्ट्री की पचास प्रतिशत आय रात को होने वाले कार्यक्रमों से होती है। शादी समारोह में इस शहर की यह परंपरा है कि अधिकांश मांगलिक कार्य रात में ही होते हैं। रात के कर्फ्यू से शादी के घरों वाले परिवारों के काफी ऑर्डर रद्द होगे। इससे इंडस्ट्री को दूसरा नुकसान उठाना पड़ेगा। साथ ही मेहमानों की संख्या काफी कम हो जाएगी।
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कारीगरों का रखना होगा ध्यान
आगरा कैटरिंग एसोसिएशन के महामंत्री आशीष बंसल बताते हैं कि आगरा में इंडस्ट्री के दो लाख कारीगरों में से पचास हजार कारीगरों पर ही काम रह जाएगा। हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा कारीगरों को काम मिल सके। इसके लिए कारीगरों के काम को चार हिस्सों में बांटा जाएगा। इससे लगभग सभी कारीगरों को थोड़ा-थोड़ा काम मिल सकेगा।
रास्ता निकालने की करेंगे कोशिश
लघु उद्योग भारती के प्रदेश महामंत्री दीपक अग्रवाल ने कहा कि लघु उद्योग भारती वेडिंग इंडस्ट्री के साथ खड़ा हैं। हमारा प्रतिनिधिमंडल जल्द ही इंडस्ट्री की समस्याओं के निदान की कोशिश करेगा। ऐसा रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे जिससे इंडस्ट्री के नुकसान को काफी हद तक रोका जा सके। इंडस्ट्री के पदाधिकारियों के साथ शनिवार को बैठक तय हुई है।
आगरा कैटरिंग एसोसिएशन के महामंत्री आशीष बंसल बताते हैं कि आगरा में इंडस्ट्री के दो लाख कारीगरों में से पचास हजार कारीगरों पर ही काम रह जाएगा। हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा कारीगरों को काम मिल सके। इसके लिए कारीगरों के काम को चार हिस्सों में बांटा जाएगा। इससे लगभग सभी कारीगरों को थोड़ा-थोड़ा काम मिल सकेगा।
रास्ता निकालने की करेंगे कोशिश
लघु उद्योग भारती के प्रदेश महामंत्री दीपक अग्रवाल ने कहा कि लघु उद्योग भारती वेडिंग इंडस्ट्री के साथ खड़ा हैं। हमारा प्रतिनिधिमंडल जल्द ही इंडस्ट्री की समस्याओं के निदान की कोशिश करेगा। ऐसा रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे जिससे इंडस्ट्री के नुकसान को काफी हद तक रोका जा सके। इंडस्ट्री के पदाधिकारियों के साथ शनिवार को बैठक तय हुई है।