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जलनिगम की लापरवाही ने ली मासूम की जान
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा।
Updated Wed, 01 Jul 2015 01:58 AM IST
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कालिंदी विहार स्थित कांशीराम आवास योजना के डी ब्लॉक में मंगलवार सुबह नौ बजे जल निगम के ठेकेदार की घोर लापरवाही के चलते मजदूर गुड्डू के मासूम बेटे सोहेल (8) की दर्दनाक मौत हो गई। यहां पेयजल लाइन बिछाने के लिए रखे लोहे के सात-सात क्विंटल के 20-20 फुट लंबे दो पाइप लुढ़क कर प्लॉट में शौच कर रहे इस बच्चे के ऊपर चढ़ गए। करीब 20 मिनट में जेसीबी मशीन से पाइप हटाया जा सका। अस्पताल ले जाए जाते समय बच्चे ने दम तोड़ दिया। हादसा होते ही ठेकेदार और मजदूर भाग खड़े हुए। यह देख गुस्से में आए लोगों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें शांत कराने के लिए ठेकेदार पर कार्रवाई का भरोसा तो दिया, लेकिन बाद में तहरीर न मिलने का बहाना बनाकर एफआईआर दर्ज नहीं की।
जल निगम की पाइप लाइन बिछाने के लिए यहां सड़क खोदाई का काम 15 दिन पहले शुरू हुआ। ठेकेदार ने एक ओर सड़क किनारे पाइपों के ढेर लगवा दिए। दूसरी तरफ कंक्रीट की सड़क को ड्रिल मशीन से कटवाया जा रहा था। इससे पैदा हुए कंपन से ही दो पाइप लुढ़क गए। इनके नीचे सोहेल दब गया। उसके नाक-कान और मुंह से खून निकलने लगा। लोग उसे बचाने के लिए पाइप हटाने लगे, लेकिन वह हिले तक नहीं।
20 मिनट बाद जेसीबी मशीन की मदद से इन्हें हटाया जा सका। लोगों को लगा कि सोहेल की सांस चल रही है। उसे लेकर अस्पताल भागे, लेकिन डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने गुड्डू के कहने पर सोहेल के पंचनामा भरकर बगैर पोस्टमार्टम कराए शव सौंप दिया। इस पर एसओ का कहना है कि पीड़ित पक्ष ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। किसी के खिलाफ तहरीर भी नहीं मिली है, इसलिए रिपोर्ट नहीं लिखी गई।
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‘इस लापरवाही का कौन देगा जवाब’
मेरा तो बेटा दुनिया से चला गया, लेकिन इस लापरवाही का जवाब कौन देगा? रोते हुए मृतक सोहेल की मां रेशमा का यही सवाल था। मां के आंसू नहीं रुक रहे। वह कार्रवाई कराना चाहती है। परिवार इतना गरीब है कि दो वक्त की रोटी जुटा पाना भी मुश्किल हो जाता है। सोहेल अपने पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसके भाइयों में सुबहान, शाहिल, सम्मी और डेढ़ साल का अली हैं। गुड्डू एक पैर से विकलांग है। वह किसी तरह मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालता है।
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जल निगम की पाइप लाइन बिछाने के लिए यहां सड़क खोदाई का काम 15 दिन पहले शुरू हुआ। ठेकेदार ने एक ओर सड़क किनारे पाइपों के ढेर लगवा दिए। दूसरी तरफ कंक्रीट की सड़क को ड्रिल मशीन से कटवाया जा रहा था। इससे पैदा हुए कंपन से ही दो पाइप लुढ़क गए। इनके नीचे सोहेल दब गया। उसके नाक-कान और मुंह से खून निकलने लगा। लोग उसे बचाने के लिए पाइप हटाने लगे, लेकिन वह हिले तक नहीं।
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20 मिनट बाद जेसीबी मशीन की मदद से इन्हें हटाया जा सका। लोगों को लगा कि सोहेल की सांस चल रही है। उसे लेकर अस्पताल भागे, लेकिन डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने गुड्डू के कहने पर सोहेल के पंचनामा भरकर बगैर पोस्टमार्टम कराए शव सौंप दिया। इस पर एसओ का कहना है कि पीड़ित पक्ष ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। किसी के खिलाफ तहरीर भी नहीं मिली है, इसलिए रिपोर्ट नहीं लिखी गई।
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‘इस लापरवाही का कौन देगा जवाब’
मेरा तो बेटा दुनिया से चला गया, लेकिन इस लापरवाही का जवाब कौन देगा? रोते हुए मृतक सोहेल की मां रेशमा का यही सवाल था। मां के आंसू नहीं रुक रहे। वह कार्रवाई कराना चाहती है। परिवार इतना गरीब है कि दो वक्त की रोटी जुटा पाना भी मुश्किल हो जाता है। सोहेल अपने पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसके भाइयों में सुबहान, शाहिल, सम्मी और डेढ़ साल का अली हैं। गुड्डू एक पैर से विकलांग है। वह किसी तरह मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालता है।