मौसम के अजब-गजब रंग देखने को मिल रहे हैं। माघ में सावन की तरह से बादल बरस रहे हैं। आगरा में बुधवार और बृहस्पतिवार को हुई बारिश के कारण की सड़कें तलैया बन गईं। सीवर लाइन की खोदाई के कारण कई जगह गलियां और सड़कें धंस गईं, जिनमें कई ट्रक और वाहन फंस कर गिर गए। दिन भर हुई बारिश और जलभराव के कारण लोग घरों में कैद रहे। कड़ाके की ठंड में पानी से लबालब भरी सड़कों पर खतरे से खाली नहीं था।
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सड़क पर जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार को तेज बारिश के कारण शहर की मुख्य सड़कों पर पानी भर गया। ज्यादातर प्रमुख सड़कें तलैया में तब्दील हो गईं। सेंट जोंस चौराहे पर लोहामंडी मार्ग, बाग मुजफ्फर खां, खंदारी, घटिया आजम खान, शाहगंज, दौरेठा, आजमपाड़ा, शंकरगढ़ की पुलिया, बल्केश्वर, मुगल रोड पर जलभराव हो गया।
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सेंट जोंस चौराहे के पास जलभराव
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दो पहिया और चार पहिया वाहन सवारों को जलभराव के कारण दिक्कतें आईं, वहीं पैदल निकलने वालों के सामने सबसे ज्यादा परेशानी रही। वहीं वेस्टर्न जोन में जल निगम द्वारा सीवर लाइन डालने के लिए खोदाई की जा रही है। इससे विनय नगर, बोदला, बिचपुरी, अवधपुरी, राधा नगर, सरस्वती नगर, श्याम नगर, मारुति इस्टेट, कलाकुंज की ओर सड़कें और गलिया धंस गईं।
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अवधपुरी-बिचपुरी रोड पर पलटी डीसीएम
- फोटो : अमर उजाला
बोदला बिचपुरी मार्ग पर सड़कें धंस जाने से इनमें ट्रक फंस गए और पलट गए। ट्रकों से सप्लाई होने वाले सामान का इससे बड़ा नुकसान हुआ। बेरीकेडिंग के बिना सीवर लाइन की खोदाई के कारण वेस्टर्न जोन की कॉलोनियों में मिट्टी फैली होने के कारण फिसलन हो गई।
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हाईवे पर जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
सावन के महीने में जिस तरह मानसून के बादल तेजी से बरसते हैं, ठीक उसी तरह से बृहस्पतिवार सुबह 9 बजे तेजी से बारिश हुई। इसके बाद पूरे दिन रिमझिम बारिश होती रही। शाम को चार बजे फिर बेहद तेजी से बारिश हुई। शाम तक रिमझिम तो कभी तेज बारिश का सिलसिला चलता रहा। पूरे दिन में 27.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जनवरी में अब तक 30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।