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पड़ताल: दुहाई पे दुहाई...यहां नहीं समस्या की सुनवाई, आगरा के सोहल्ला रोड का हाल

Tue, 14 Sep 2021 12:17 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 14 Sep 2021 12:17 PM IST
सार

साढ़े तीन साल में 15 बार शिकायत करने के बावजूद सोहल्ला के 150 परिवार नारकीय हालातों में रह रहे हैं।

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Water Logging On Road At Sohalla Road No Action By Administration
आगरा: सोहल्ला की सड़क पर भरा पानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के नरीपुरा में सोहल्ला रोड पर 150 परिवार साढ़े तीन साल से नारकीय हालातों में रहने को मजबूर हैं। नगला मेहंदी, नगला प्यारे, नई आबादी में रास्ते में तीन फुट नालियों का पानी भरा है। यहां रहने वालों ने तहसील दिवस से लेकर जिलाधिकारी, नगर निगम, मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय मंत्री तक 15 बार समस्या बताई। दुहाई पे दुहाई लगाने के बावजूद समस्या की सुनवाई नहीं हो सकी है। ये हाल तब है जब तीन दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने डीएम व एसएसपी को रोज जनसुनवाई के आदेश दिए हैं। 

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जिले में जनसुनवाई संदर्भों की हकीकत किसी से छिपी नहीं। छह महीने से नई रैकिंग नहीं आई। आखिरी बार फरवरी में जब रैकिंग आई थी तो आगरा का प्रदेश में जनसुनवाई में 75वां नंबर था। तहसील दिवस में हर माह 200 से 250 जन समस्याओं की शिकायत आती हैं। मौके पर निस्तारण नहीं होते। कागजों में निस्तारण की रस्म अदायगी के कारण समस्याएं बरकरार हैं। गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण नहीं होने से आवेदकों को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। महीने में दो बार तहसील दिवस होता है। दो बार थाना दिवस। रोज जिलाधिकारी कार्यालय पर जनसुनवाई की व्यवस्था है, फिर भी कोई राशन कार्ड में यूनिट बढ़वाने को भटक रहा है। तो किसी को दुर्बल आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) प्रमाणपत्र के लिए चार महीने इंतजार करना पड़ रहा है। जिसके कारण आवेदक रोजगार के लिए भर्तियों के फार्म नहीं भर पा रहे।

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तीन दिन पहले सीएम हुए थे नाराज
जन शिकायतों का स्थानीय स्तर पर ही निस्तारण नहीं होने से चार दिन पहले गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनसुनवाई की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारियों से नाराजगी जताई थी। डीएम-एसएसपी को रोज जनसुनवाई के आदेश दिए थे। आगरा समेत कई जिलों की प्रगति से मुख्यमंत्री संतुष्ट नहीं थे।

मंडरा रहा बीमारियों का साया
सोहल्ला निवासी मान सिंह ने बताया कि साढ़े तीन साल से लगातार शिकायतें कर रहे हैं। जनता की सुनवाई नहीं होती। 150 मीटर सड़क तालाब में तब्दील हो गई। डेंगू बुखार व संक्रामक बीमारियों का हर वक्त साया मंडराता है। क्षेत्रीय विधायक व राज्यमंत्री डॉ. जीएस धर्मेश से शिकायत के बाद नगर निगम ने गंदे पानी की निकासी के लिए मोटर पंप रखवाई थी, लेकिन एक दिन चलने के बाद पंप बंद हो गई। अब अफसर कहते हैं नाली बनाने के लिए बजट नहीं है।

नहीं भर पाई नौकरी के लिए फार्म
शमसाबाद रोड, मारुति सिटी निवासी पारुल गर्ग एमए, बीएड हैं। शिक्षक भर्ती के लिए जून 2021 में सदर तहसील में दुर्बल आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। पारुल ने बताया कि चार महीने से प्रमाणपत्र नहीं बना। दो बार तहसील दिवस में भी शिकायत कर चुकी हूं। शिक्षक भर्ती, सीटेट व अन्य परीक्षाएं व नौकरी के लिए फॉर्म नहीं भर पा रही। प्रमाणपत्र बनेगा या नहीं, ये भी कोई अधिकारी स्पष्ट नहीं बताता। चक्कर लगवाते हैं।

परिवार में 8 सदस्य, 5 को राशन
सिकंदरा, लखनपुर निवासी मीना देवी पत्नी रंजीत के परिवार में आठ सदस्य हैं। पति, एक पुत्र व एक पुत्री सहित तीन का नाम राशन कार्ड यूनिट से पूर्ति विभाग ने काट दिया। नाम जुड़वाने के लिए दो बार तहसील दिवस में शिकायत की। पति का नाम जुड़ गया, लेकिन दो बच्चों का नाम अभी तक नहीं जुड़ा। आठ सदस्यों के परिवार में पांच सदस्यों के लिए राशन मिल रहा है। 
 

पहले शिकायत पत्र भेजिए....
अमर उजाला ने इस संबंध में जब जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह से जवाब मांगा तो उन्होंने कहा पहले जनसुनवाई संदर्भ का शिकायत पत्र भेजिए। अमर उजाला ने जब उन्हें शिकायती पत्र की प्रति भेजी तो डीएम ने कहा इस शिकायत का निस्तारण नगरायुक्त से कराएंगे। नगरायुक्त से पूछा जाएगा कि समस्या क्यों दूर नहीं हो सकी। डीएम से फिर पूछा कि एक बार में जन समस्याएं दूर क्यों नहीं होती, तो उन्होंने जवाब में चुप्पी साध ली।

जांच के लिए भेज रहे हैं टीम
सोहल्ला की समस्या पर नगरायुक्त निखिल टीकाराम फुंडे से पूछा गया तो उन्होंने कहा जांच करवाता हूं। मौके पर अभी टीम भेजी जा रही है। क्षेत्रीय लोगों को तत्काल राहत दिलाई जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थाई समाधान किया जा सकेगा।
 
फैक्ट फाइल...
- 250 शिकायत हर माह तहसील दिवस में दर्ज होती हैं।
- 50 शिकायत हर माह थाना समाधान दिवस में आती हैं।
- 100 शिकायत रोज जिलाधिकारी कार्यालय पर दर्ज होती हैं।
- 15 शिकायत रोज मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर आ रही हैं।
- 7 दिन का समय है शिकायतों के निस्तारण के लिए शासनादेश में।
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