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कछला गंगानदी में शनै शनै बढने लगा जलस्तर
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कासगंज। कछला गंगानदी में धीमे धीमे जलस्तर बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण करीब 15 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने सिंचाई और राजस्व विभाग की टीमों को सक्रिय कर दिया है।
मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही कछला गंगानदी में पानी बढ़ने लगा है। सिंचाई विभाग ने सक्रियता बढ़ा दी है। सभी जिम्मेदारों को अपने अपने क्षेत्रों में तैनात किया गया है। जिला प्रशासन सिंचाई विभाग से प्रतिदिन गंगा के जलस्तर की रिपोर्ट मांग रहा है। पहाड़ों पर हुई बरसात के कारण बैराजों पर पानी धीमे-धीमे बढ़ने लगा है। इसी कारण बैराज से पानी गंगा नदी में छोड़ दिया गया है।
रेलवे ने भी बढ़ाई सतर्कता
जिले में नहर व नदियों का जाल बिछा है। बारिश के मौसम में नहर और नदियों में उफान आने लगता है। मथुरा ट्रैक पर हजारा नहर और काली नदी का पुल है, जबकि बरेली ट्रैक पर गोरहा नहर और कछला गंगानदी का पुल है। कानपुर ट्रैक पर फर्रुखाबाद क्षेत्र में भी नदी का पुल है। बारिश के मौसम में बाढ़ की संभावना को देखते हुए डीआरएम दिनेश कुमार ने कासगंज के परिचालन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर कर्मचारियों की टीमें बना दी हैं। कीमैन और ट्रैक मैन को भी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नदियों, नहरों के पुलों के आस पास नियमित साफ सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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एक नजर-
- 24000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया नरौरा बैराज से।
- 162.75 मीटर के निशान पर है कछला पुल का मीटर गेज।
- 162.60 मीटर था 24 घंटे पहले पुल का गेज।
वर्जन-
- बारिश के मद्देनजर बाढ़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए डीएआरएम ने जिम्मेदारों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रतिदिन रेल ट्रैक पर निगरानी कराई जाएगी। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ।
- गंगा नदी में पानी बढ़ रहा है। सतर्कता के साथ निगरानी शुरू कर दी गई है। प्रतिदिन रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जा रही है। - पंजाबी शर्मा, अवर अभियंता, सिंचाई विभाग।
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मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही कछला गंगानदी में पानी बढ़ने लगा है। सिंचाई विभाग ने सक्रियता बढ़ा दी है। सभी जिम्मेदारों को अपने अपने क्षेत्रों में तैनात किया गया है। जिला प्रशासन सिंचाई विभाग से प्रतिदिन गंगा के जलस्तर की रिपोर्ट मांग रहा है। पहाड़ों पर हुई बरसात के कारण बैराजों पर पानी धीमे-धीमे बढ़ने लगा है। इसी कारण बैराज से पानी गंगा नदी में छोड़ दिया गया है।
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रेलवे ने भी बढ़ाई सतर्कता
जिले में नहर व नदियों का जाल बिछा है। बारिश के मौसम में नहर और नदियों में उफान आने लगता है। मथुरा ट्रैक पर हजारा नहर और काली नदी का पुल है, जबकि बरेली ट्रैक पर गोरहा नहर और कछला गंगानदी का पुल है। कानपुर ट्रैक पर फर्रुखाबाद क्षेत्र में भी नदी का पुल है। बारिश के मौसम में बाढ़ की संभावना को देखते हुए डीआरएम दिनेश कुमार ने कासगंज के परिचालन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर कर्मचारियों की टीमें बना दी हैं। कीमैन और ट्रैक मैन को भी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नदियों, नहरों के पुलों के आस पास नियमित साफ सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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एक नजर-
- 24000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया नरौरा बैराज से।
- 162.75 मीटर के निशान पर है कछला पुल का मीटर गेज।
- 162.60 मीटर था 24 घंटे पहले पुल का गेज।
वर्जन-
- बारिश के मद्देनजर बाढ़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए डीएआरएम ने जिम्मेदारों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रतिदिन रेल ट्रैक पर निगरानी कराई जाएगी। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ।
- गंगा नदी में पानी बढ़ रहा है। सतर्कता के साथ निगरानी शुरू कर दी गई है। प्रतिदिन रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जा रही है। - पंजाबी शर्मा, अवर अभियंता, सिंचाई विभाग।