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पानी...परेशानी...प्रदर्शन...मिला सिर्फ आश्वासन: दो महीने से बूंद-बूंद को तरसे लोग, मटके लेकर पहुंचे कैंट बोर्ड
Wed, 26 Aug 2026 12:27 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 26 Aug 2026 12:27 PM IST
सार
आगरा कैंट क्षेत्र में दो महीने से पेयजल संकट झेल रहे लोगों ने मटके लेकर कैंट बोर्ड कार्यालय का घेराव किया और पानी, सीवर, सफाई व स्ट्रीट लाइट की समस्याएं उठाईं। अधिकारियों के साथ बैठक के बाद लोगों को जल्द समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिला, लेकिन क्षेत्र में पेयजल की किल्लत अभी बनी हुई है।
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कैंट बोर्ड क्षेत्र के लोगों ने हाथों में मटके लेकर प्रदर्शन किया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पानी की किल्लत से दो माह से जूझ रहे कैंट बोर्ड क्षेत्र के लोगों ने हाथों में मटके लेकर प्रदर्शन किया। कैंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. पंकज महेंद्रू की अगुवाई में पहुंची महिलाओं और लोगों ने कैंट बोर्ड के अधिकारियों से पानी के साथ सीवर, स्ट्रीट लाइट, सफाई की समस्या के समाधान की मांग की। करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों ने लोगों के साथ बैठक की और जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
मंगलवार दोपहर में महिलाएं अपने सिर पर मटके लेकर कैंट बोर्ड कार्यालय पहुंचीं। डॉ. पंकज महेंद्रू ने कहा कि पानी की बूंद-बूंद के लिए लोग परेशान हैं। वार्ड 1, 2, 4 में समस्या ज्यादा है। बार-बार शिकायतें दर्ज कराई गईं लेकिन पानी नहीं मिला। वैकल्पिक व्यवस्था के बिना पुरानी टंकियों को तोड़ दिया गया। टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है लेकिन वह पर्याप्त नहीं है।
कैंट निवासी परमजीत सिंह ने कहा कि छावनी क्षेत्र में पानी के साथ सड़कें बेहद खराब हैं। नाली-खड़ंजा और स्ट्रीट लाइट की समस्या है। बैठक में कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। इस दौरान दिलीप कन्नौजिया, तारिक अहमद, प्रेम चंद गुप्ता और राजू खन्ना आदि मौजूद रहे।
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सड़क, सफाई का भी बुरा हाल
बीते साल के स्वच्छ सर्वेक्षण में कैंट क्षेत्र की रैंकिंग गिरी थी। देश की 58 छावनियों में से 57वां स्थान मिला था। वर्ष 2024 के सर्वेक्षण में आगरा कैंट बोर्ड पांचवें स्थान पर था। छावनी के आठों वार्ड के लोग सफाई व्यवस्था की शिकायतें लगातार उठा रहे हैं। सड़कों के जर्जर होेने, सफाई न होने से भी लोग परेशान हैं। लोगों ने सभी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। कैंट बोर्ड के सीईओ दीपक मोहन ने कहा कि लोगों ने पानी, सीवर, सफाई समेत जो समस्याएं बताई हैं उन पर बोर्ड पहले से काम कर रहा है। सभी का स्थायी समाधान कराया जाएगा। मकानों की मरम्मत की मांग पर अगर किसी को दिक्कत आ रही है तो वह कार्यालय आकर संपर्क कर सकता है।
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मंगलवार दोपहर में महिलाएं अपने सिर पर मटके लेकर कैंट बोर्ड कार्यालय पहुंचीं। डॉ. पंकज महेंद्रू ने कहा कि पानी की बूंद-बूंद के लिए लोग परेशान हैं। वार्ड 1, 2, 4 में समस्या ज्यादा है। बार-बार शिकायतें दर्ज कराई गईं लेकिन पानी नहीं मिला। वैकल्पिक व्यवस्था के बिना पुरानी टंकियों को तोड़ दिया गया। टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है लेकिन वह पर्याप्त नहीं है।
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कैंट निवासी परमजीत सिंह ने कहा कि छावनी क्षेत्र में पानी के साथ सड़कें बेहद खराब हैं। नाली-खड़ंजा और स्ट्रीट लाइट की समस्या है। बैठक में कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। इस दौरान दिलीप कन्नौजिया, तारिक अहमद, प्रेम चंद गुप्ता और राजू खन्ना आदि मौजूद रहे।
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सड़क, सफाई का भी बुरा हाल
बीते साल के स्वच्छ सर्वेक्षण में कैंट क्षेत्र की रैंकिंग गिरी थी। देश की 58 छावनियों में से 57वां स्थान मिला था। वर्ष 2024 के सर्वेक्षण में आगरा कैंट बोर्ड पांचवें स्थान पर था। छावनी के आठों वार्ड के लोग सफाई व्यवस्था की शिकायतें लगातार उठा रहे हैं। सड़कों के जर्जर होेने, सफाई न होने से भी लोग परेशान हैं। लोगों ने सभी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। कैंट बोर्ड के सीईओ दीपक मोहन ने कहा कि लोगों ने पानी, सीवर, सफाई समेत जो समस्याएं बताई हैं उन पर बोर्ड पहले से काम कर रहा है। सभी का स्थायी समाधान कराया जाएगा। मकानों की मरम्मत की मांग पर अगर किसी को दिक्कत आ रही है तो वह कार्यालय आकर संपर्क कर सकता है।