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फर्जी थी मुठभेड़, फर्जी था गुडवर्क
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 28 Feb 2015 02:19 AM IST
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पुलिस रस्सी का सांप कैसे बनाती है, थाना सिकंदरा पुलिस इसे बेहतर बता सकती है। अरतौनी में एक घर में दबिश देकर पुलिस ने चोरी की एक्टिवा समेत चार गाड़ियां बरामद कीं। बाद में साठगांठ कर आरोपियों को छोड़ दिया। चोरी की इन गाड़ियों को दूसरे लोगों से बरामद दिखाया। फर्जी मुठभेड़ भी दिखा दी। इस संबंध में एसएसपी से शिकायत की गई है।
सदर निवासी रवि कुमार का एक्टिवा स्कूटर दो साल पहले चोरी हो गया था। रिपोर्ट हरीपर्वत थाने में दर्ज कराई गई। इसी साल 20 जनवरी को उन्होंने हाईवे पर खड़े अपने स्कूटर को पहचान लिया। वह चोर के पीछे लग गए। अरतौनी में एक घर में स्कूटर रख दिया गया। उन्होंने कंट्रोल रूम में फोन करके पूरी जानकारी दी। इस पर थाना सिकंदरा पुलिस ने अरतौनी में घर में दबिश देकर एक्टिवा स्कूटर, एक अन्य स्कूटर और दो बाइक बरामद कीं। पुलिस ने चार लोगों को भी पकड़ा। बाद में लेनदेन करके छोड़ दिया। दो फरवरी को चोरी की चार गाड़ियां दहतोरा में मुठभेड़ के बाद बरामद दर्शा दीं। यहीं से चार युवकों को गिरफ्तार दिखाया। इनमें रवि का एक्टिवा स्कूटर भी शामिल था। इस पर गाड़ी मालिक ने आरटीआई के तहत पुलिस कंट्रोल रूम को 20 जनवरी को दी गई सूचना के बारे में जानकारी मांगी। वहां सूचना और कार्रवाई का ब्योरा दर्ज था। इस तरह पुलिस ने फर्जी गुडवर्क और फर्जी मुठभेड़ तो कर ली, लेकिन अरतौनी के उन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, जो वाहन चोरी करवा रहे हैं। अरतौनी की ग्राम प्रधान समेत अन्य ग्रामीणों ने उक्त आरोपियों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की मांग एसएसपी से की है।
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सदर निवासी रवि कुमार का एक्टिवा स्कूटर दो साल पहले चोरी हो गया था। रिपोर्ट हरीपर्वत थाने में दर्ज कराई गई। इसी साल 20 जनवरी को उन्होंने हाईवे पर खड़े अपने स्कूटर को पहचान लिया। वह चोर के पीछे लग गए। अरतौनी में एक घर में स्कूटर रख दिया गया। उन्होंने कंट्रोल रूम में फोन करके पूरी जानकारी दी। इस पर थाना सिकंदरा पुलिस ने अरतौनी में घर में दबिश देकर एक्टिवा स्कूटर, एक अन्य स्कूटर और दो बाइक बरामद कीं। पुलिस ने चार लोगों को भी पकड़ा। बाद में लेनदेन करके छोड़ दिया। दो फरवरी को चोरी की चार गाड़ियां दहतोरा में मुठभेड़ के बाद बरामद दर्शा दीं। यहीं से चार युवकों को गिरफ्तार दिखाया। इनमें रवि का एक्टिवा स्कूटर भी शामिल था। इस पर गाड़ी मालिक ने आरटीआई के तहत पुलिस कंट्रोल रूम को 20 जनवरी को दी गई सूचना के बारे में जानकारी मांगी। वहां सूचना और कार्रवाई का ब्योरा दर्ज था। इस तरह पुलिस ने फर्जी गुडवर्क और फर्जी मुठभेड़ तो कर ली, लेकिन अरतौनी के उन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, जो वाहन चोरी करवा रहे हैं। अरतौनी की ग्राम प्रधान समेत अन्य ग्रामीणों ने उक्त आरोपियों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की मांग एसएसपी से की है।
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