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अटेंडेंट मिले नहीं, तीमारदार खुद स्ट्रेचर पर मरीजों को दिखाने ले गए
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एसएन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की चल रही है हड़ताल। मरीज हैं परेशान, स्वास्थ्य सेवा है बदहाल।ऐसे
- फोटो : Agra City
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आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज में रविवार को भी मरीजों और तीमारदारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। न्यू सर्जरी बिल्डिंग में पहुंचे मरीजों को अटेंडेंट नहीं मिले। तीमारदार खुद स्ट्रेचर ले आए, उन पर मरीजों को विभिन्न तलों पर दिखाने के लिए ले गए। भर्ती मरीजों को जांच आदि के लिए दूसरे भवनों में ले जाने के लिए भी अटेंडेंट उपलब्ध नहीं कराए गए।
किरावली निवासी चायना ने बताया कि उनके भाई सप्पो का एक्सीडेंट हो गया था। न्यू सर्जरी बिल्डिंग के पांचवें तल पर उसका इलाज चल रहा है। ब्लड की जांच के लिए उसे दूसरे विभाग में जाने के लिए कहा गया। अटेंडेंट नहीं मिला, मरीज को ले जाने के लिए चायना ने स्ट्रेचर मांगा तो उसे आधार कार्ड जमा कराने के लिए कहा। वह आधार कार्ड नहीं लाई थी, इस पर उसका मोबाइल जमा करा लिया गया। स्ट्रेचर वापस पहुंचाने पर मोबाइल देने के लिए कहा गया। चायना ने अपनी बहन के साथ मिलकर भाई को स्ट्रेचर से नीचे लाई और आटो में भाई को बैठाकर जांच कराने के लिए ले गई। एक बुजुर्ग को बेटा स्ट्रेचर पर बैठाकर न्यू सर्जरी बिल्डिंग में लाया। लिफ्ट के माध्यम से छठवें मंजिल पर ले गया।
सरेंधी के लोकेंद्र सिंह 15 मिनट से एंबुलेंस में पड़े थे, पैर में फ्रैक्चर था। परिजन स्ट्रेचर लेने के लिए खुद जाना पड़ा। स्ट्रेचर लेकर आए और उनको इलाज के लिए ले गए।
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डॉक्टर देखने नहीं पहुंचे
फिरोजाबाद के सोनवीर ने बताया कि उनकी डेढ़ माह की बच्ची 29 नवंबर से न्यू सर्जरी बिल्डिंग के प्रथम तल पर भर्ती है। उसे निमोनिया की शिकायत है। रविवार को दोपहर एक बजे तक कोई डॉक्टर देखने के लिए नहीं पहुंचा। नर्स ही उसे देख रही हैं।
जूनियर डाक्टरों ने प्रो. एसपी सिंह बघेल को ज्ञापन दिया
नीट पीजी की काउंसिलिंग कराने की मांग के संबंध में एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार रविवार को भी जारी रहा। एमसीएच के सामने बैठकर जूनियर डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। मरीजों को बचाना है, ‘नीट पीजी काउंसिलिंग शुरू कराना है’ नारा लगाया। जूनियर डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल से मिला। उन्होंने समस्याओं से अवगत कराया और नीट पीजी काउंसिलिंग कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग मोहन, उपाध्यक्ष डॉ. अनुपम सिंह यादव आदि शामिल रहे। उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री को बताया कि उनका कार्य बहिष्कार शांतिपूर्वक चल रहा है। वह ओपीडी और आईपीडी का बहिष्कार कर रहे हैं। इमरजेंसी व आईसीयू में सेवाएं दी जा रही हैं।
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किरावली निवासी चायना ने बताया कि उनके भाई सप्पो का एक्सीडेंट हो गया था। न्यू सर्जरी बिल्डिंग के पांचवें तल पर उसका इलाज चल रहा है। ब्लड की जांच के लिए उसे दूसरे विभाग में जाने के लिए कहा गया। अटेंडेंट नहीं मिला, मरीज को ले जाने के लिए चायना ने स्ट्रेचर मांगा तो उसे आधार कार्ड जमा कराने के लिए कहा। वह आधार कार्ड नहीं लाई थी, इस पर उसका मोबाइल जमा करा लिया गया। स्ट्रेचर वापस पहुंचाने पर मोबाइल देने के लिए कहा गया। चायना ने अपनी बहन के साथ मिलकर भाई को स्ट्रेचर से नीचे लाई और आटो में भाई को बैठाकर जांच कराने के लिए ले गई। एक बुजुर्ग को बेटा स्ट्रेचर पर बैठाकर न्यू सर्जरी बिल्डिंग में लाया। लिफ्ट के माध्यम से छठवें मंजिल पर ले गया।
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सरेंधी के लोकेंद्र सिंह 15 मिनट से एंबुलेंस में पड़े थे, पैर में फ्रैक्चर था। परिजन स्ट्रेचर लेने के लिए खुद जाना पड़ा। स्ट्रेचर लेकर आए और उनको इलाज के लिए ले गए।
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डॉक्टर देखने नहीं पहुंचे
फिरोजाबाद के सोनवीर ने बताया कि उनकी डेढ़ माह की बच्ची 29 नवंबर से न्यू सर्जरी बिल्डिंग के प्रथम तल पर भर्ती है। उसे निमोनिया की शिकायत है। रविवार को दोपहर एक बजे तक कोई डॉक्टर देखने के लिए नहीं पहुंचा। नर्स ही उसे देख रही हैं।
जूनियर डाक्टरों ने प्रो. एसपी सिंह बघेल को ज्ञापन दिया
नीट पीजी की काउंसिलिंग कराने की मांग के संबंध में एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार रविवार को भी जारी रहा। एमसीएच के सामने बैठकर जूनियर डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। मरीजों को बचाना है, ‘नीट पीजी काउंसिलिंग शुरू कराना है’ नारा लगाया। जूनियर डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल से मिला। उन्होंने समस्याओं से अवगत कराया और नीट पीजी काउंसिलिंग कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग मोहन, उपाध्यक्ष डॉ. अनुपम सिंह यादव आदि शामिल रहे। उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री को बताया कि उनका कार्य बहिष्कार शांतिपूर्वक चल रहा है। वह ओपीडी और आईपीडी का बहिष्कार कर रहे हैं। इमरजेंसी व आईसीयू में सेवाएं दी जा रही हैं।