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हादसे को न्योता: सात महीने पहले ढही नालों की दीवारें अब तक नहीं बनीं, खतरनाक रास्ते से गुजर रहे लोग

Fri, 26 Nov 2021 12:03 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 26 Nov 2021 12:03 AM IST
सार

मानसून से पहले काजीपाड़ा, लोहामंडी, मोतीगंज और बैनारा फैक्ट्री के पास बोदला में नाले की दीवारें ढह गईं थीं, जिनकी मरम्मत का काम अब तक शुरू नहीं किया गया है।

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walls of the drains that collapsed seven months ago have not yet been built in agra
काजीपाड़ा में नहीं है नाले की दीवार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में सात महीने पहले नाला काजीपाड़ा की दीवार ढह गई थी। 100 मीटर से ज्यादा हिस्सा ढह जाने से नाला चोक हो गया, जिससे पानी नाले से सटी सड़क पर बहा। इससे मिट्टी के कटान के कारण अब काजीपाड़ा क्षेत्र की नाले से सटी सड़क भी ऊबड़-खाबड़ हो गई है। 10 हजार से ज्यादा लोग इस खतरनाक रास्ते से निकलने के लिए मजबूर हैं। 

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काजीपाड़ा की तरह ही मानसून से पहले लोहामंडी, मोतीगंज और बैनारा फैक्ट्री के पास बोदला में नाले की दीवारें ढह गईं थीं, जिनकी मरम्मत का काम अब तक शुरू नहीं किया गया है। इन नालों की दीवार ढह जाने से उसका मलबा पानी का प्रवाह रोक रहा है, जो पीछे के क्षेत्रों में नालियों के चोक होने और जलभराव की बड़ी समस्या बनता जा रहा है। 
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नाले में समा रही सड़क
बोदला निवासी केके भारद्वाज ने कहा कि बैनारा फैक्टरी से सटी गली के किनारे नाले की दीवार पहले 30 फुट तक ढही थी, पर अब मरम्मत न होने से इसके आगे का हिस्सा तो ढहता ही जा रहा है, बल्कि इंटरलॉकिंग टाइल्स की नई बनी सड़क भी कटान का शिकार होकर नाले में समा रही है। 

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गिरने का रहता है डर
काजीपाड़ा निवासी मनीष कुमार ने कहा कि नाले की दीवार टूटे सात महीने हो गए, तब तक नाला बना नहीं पाए। बारिश में पानी सड़क पर होकर निकला तो पूरी सड़क टूट गई। अब स्कूटी, मोटरसाइकिल निकालने में ही डर लगता है कि नाले में न गिर जाएं। नाले की मरम्मत में सीमेंट की जगह रेत इस्तेमाल की गई है। 

निकलने की जगह भी नहीं 
काजीपाड़ा की पार्षद ज्ञानवती ने कहा कि पूरा मानसून बीत गया, पर नाले का निर्माण नहीं हो पाया। लोगों के निकलने की जगह ही नहीं बची। सरिया निकली हुई हैं, यहां न बैरिकेडिंग की गई है, न बचाव का इंतजाम है। पूरा रोड ऊबड़-खाबड़ है। कोई हादसा हो जाएगा जो जवाबदेही किसकी होगी। 

मरम्मत के लिए बने योजना
पीपलमंडी के पार्षद रवि बिहारी माथुर ने कहा कि मानसून से पहले जो नाले तेज बहाव में टूट गए हैं, उनकी मरम्मत के लिए यह सही समय है। अभी काम शुरू करेंगे तो अगले साल मानसून से पहले जून तक पूरा कर लेंगे। नालों की मरम्मत के लिए अभी कार्य योजना बननी चाहिए। 

मरम्मत के लिए जोन इंजीनियरों से कहा 
मेयर नवीन जैन ने कहा कि जिन नालों की दीवारें क्षतिग्रस्त हैं, उनकी मरम्मत के लिए हर जोन में इंजीनियरों से कहा गया है। काजीपाड़ा समेत सभी नालों की मरम्मत के एस्टिमेट बनाएं और उन्हें स्वीकृत कराएं। ठेकेदार अधूरा काम छोड़कर कैसे चले गए, इसके लिए मैने चारों जोन में इंजीनियरों से रिपोर्ट मांगी है।

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