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मोक्षधाम को भी नहीं बख्शा: यहां बनाई गई 3.54 करोड़ से दीवार, बारिश में ढह गई; तीन साल भी न चली
Fri, 18 Oct 2024 10:16 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 18 Oct 2024 10:16 AM IST
सार
आगरा के ताजगंज स्थित मोक्षधाम में 3.54 करोड़ से जो दीवार बनाई गई, उसमें भी खेल हो गया। ये दीवार तीन साल भी नहीं चली। बारिश में ये दीवार ढह गई।
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दीवार। - संवाद
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विस्तार
आगरा विकास प्राधिकरण के ठेकेदार ने मोक्षधाम में भी भ्रष्टाचार किया। भ्रष्टाचार की जिस दीवार का निर्माण 3.54 करोड़ से कराया था, वह तीन साल में ढह गई। जरा सी बारिश नहीं झेल सकी। जबकि 20 साल पहले बनीं दीवार अब तक खड़ी है।
ताजगंज मोक्षधाम में वर्ष 2020-21 में एडीए ने यमुना किनारे की दीवार का निर्माण, सौंदर्यीकरण कराया था। करीब 100 मीटर लंबी दीवार के निर्माण पर 3.54 करोड़ रुपये फूंक दिए। आरटीआई से मिली जानकारी से खुलासा हुआ।
ठेकेदार भगवती बिल्डर्स को एडीए ने 3.54 करोड़ रुपये का भुगतान किया। गुणवत्ता जांच रिपोर्ट व अन्य सूचनाएं एडीए ने आरटीआई के जवाब में उपलब्ध नहीं कराई। सूचनाएं मांगने वाले मुकेश जैन का कहना है कि दीवार के निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई। जिससे बारिश में दीवार ढह गई। जांच के लिए एडीए ने एक कमेटी बनाई। दो महीने बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई।
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एडीए सचिव श्रद्धा शांडिल्यायन का कहना है कि दीवार की मरम्मत के लिए नया एस्टीमेट बनवाया है। ठेकेदार की तीन साल की जिम्मेदारी थी।
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ताजगंज मोक्षधाम में वर्ष 2020-21 में एडीए ने यमुना किनारे की दीवार का निर्माण, सौंदर्यीकरण कराया था। करीब 100 मीटर लंबी दीवार के निर्माण पर 3.54 करोड़ रुपये फूंक दिए। आरटीआई से मिली जानकारी से खुलासा हुआ।
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ठेकेदार भगवती बिल्डर्स को एडीए ने 3.54 करोड़ रुपये का भुगतान किया। गुणवत्ता जांच रिपोर्ट व अन्य सूचनाएं एडीए ने आरटीआई के जवाब में उपलब्ध नहीं कराई। सूचनाएं मांगने वाले मुकेश जैन का कहना है कि दीवार के निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई। जिससे बारिश में दीवार ढह गई। जांच के लिए एडीए ने एक कमेटी बनाई। दो महीने बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई।
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एडीए सचिव श्रद्धा शांडिल्यायन का कहना है कि दीवार की मरम्मत के लिए नया एस्टीमेट बनवाया है। ठेकेदार की तीन साल की जिम्मेदारी थी।