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राम मंदिर ट्रस्ट में अयोध्या के तीनों अनी अखाडे़ के महंतों को मिले स्थान, संतों ने उठाई मांग
Sat, 08 Feb 2020 06:52 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 08 Feb 2020 06:52 PM IST
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बैठक में संत
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और वृंदावन कुंभ को लेकर वैष्णव अखाड़ा परिषद और चतु: संप्रदाय विरक्त वैष्णव परिषद की संयुक्त बैठक शनिवार को आयोजित की गई। इसमें महामंडलेश्वर, महंत, साधु, संत, ब्राह्मण और भागवत विद्वानों ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में महंत नृत्यगोपाल दास के साथ अयोध्या के तीनों अनी अखाड़े के महंतों को भी स्थान मिलना चाहिए।
श्रीहरिव्यासी महानिर्वाणी निर्मोही अखाड़ा छत्तीसगढ़ कुंज में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए महामंडलेश्वर गोपीकृष्ण दास महाराज ने कहा कि लाखों वर्षों से श्रीरामजी के प्रति संतों की आस्था चली आ रही है।
रामानंद संप्रदाय के 52 द्वारे, 36 उपद्वारे भगवान श्रीराम की उपासना के माध्यम से प्रचार प्रसार में जुटे हैं। राम जन्मभूमि आंदोलन में भी बड़ी भूमिका अखाड़े वैष्णव संतों की रही है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता है।
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श्रीहरिव्यासी महानिर्वाणी निर्मोही अखाड़ा छत्तीसगढ़ कुंज में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए महामंडलेश्वर गोपीकृष्ण दास महाराज ने कहा कि लाखों वर्षों से श्रीरामजी के प्रति संतों की आस्था चली आ रही है।
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रामानंद संप्रदाय के 52 द्वारे, 36 उपद्वारे भगवान श्रीराम की उपासना के माध्यम से प्रचार प्रसार में जुटे हैं। राम जन्मभूमि आंदोलन में भी बड़ी भूमिका अखाड़े वैष्णव संतों की रही है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता है।
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झाड़िया निर्वाणी अखाड़ा के महंत सुंदर दास ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का जो गठन हुआ है, उसका विस्तार करते हुए मणिराम छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास महाराज के साथ ट्रस्ट में अयोध्या के तीनों अनी अखाड़े के महंतों को भी स्थान मिलना चाहिए।
पीपाद्वाराचार्य बाबा महामंडलेश्वर बलराम शरणदेवाचार्य एवं चतु संप्रदाय विरक्त वैष्णव परिषद अध्यक्ष महंत जयराम दास ने कहा कि रामानंद संप्रदाय, निमबार्क संप्रदाय, माधवाचार्य संप्रदाय, विष्णु स्वामी संप्रदाय के मठाधीश महंतों को ट्रस्ट में स्थान मिलना चाहिए।
पीपाद्वाराचार्य बाबा महामंडलेश्वर बलराम शरणदेवाचार्य एवं चतु संप्रदाय विरक्त वैष्णव परिषद अध्यक्ष महंत जयराम दास ने कहा कि रामानंद संप्रदाय, निमबार्क संप्रदाय, माधवाचार्य संप्रदाय, विष्णु स्वामी संप्रदाय के मठाधीश महंतों को ट्रस्ट में स्थान मिलना चाहिए।