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स्नातक स्तर पर पढ़ाने के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रम तय नहीं

Sat, 11 Sep 2021 01:51 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 11 Sep 2021 01:51 AM IST
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Vocational course not fixed for teaching at graduation level
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। शैक्षणिक सत्र में कॉलेजों के स्नातक पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू किया जाना है। छात्र-छात्राओं को प्रवेश के समय मेजर, माइनर और वोकेशनल (व्यावसायिक) पाठ्यक्रमों का विकल्प दिया जाना है। अभी तक अधिकतर कॉलेजों के व्यावसायिक पाठ्यक्रम तय नहीं हो पाए हैं। ऐसे में छात्रों को प्रवेश के लिए पाठ्यक्रम चुनने का विकल्प नहीं मिल पाएगा।
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स्नातक स्तर पर सभी छात्र-छात्राओं को चार व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ने होंगे। चार सेमेस्टर में व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ाया जाना है। विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेजों को खुद व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। स्किल पार्टनर की मदद से पाठ्यक्रम तैयार करने हैं। देर से यह दिशा-निर्देश कॉलेजों को जारी किए गए। इससे कॉलेज प्रस्ताव विश्वविद्यालय को नहीं भेज पाए।
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प्रस्ताव जाने के बाद विश्वविद्यालय की ओर से बोर्ड ऑफ स्टडीज, विद्या परिषद और कार्य परिषद की बैठकें कराकर पाठ्यक्रमों को मंजूरी देनी होगी। इसके बाद कॉलेज उसे पढ़ा पाएंगे।
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सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से दिशा-निर्देश जारी होने के बाद व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को बनाने का काम शुरू कर दिया गया। स्किल पार्टनर के सहयोग से पाठ्यक्रम लगभग तैयार हो चुके हैं, एक-दो दिन में प्रस्ताव विश्वविद्यालय को भेज दिया जाएगा। विश्वविद्यालय की मंजूरी के बाद ही छात्र-छात्राओं को पाठ्यक्रमों का विकल्प दिया जा सकेगा।
प्रत्येक छात्र को चार व्यावसायिक पाठ्यक्रम (12 क्रेडिट के) पढ़ने हैं। प्रत्येक सेमेस्टर में एक पढ़ना है। पाठ्यक्रम को मंजूरी मिलने पर देरी होने पर दूसरे सेमेस्टर में भी विकल्प दिया जा सकता है।
प्रस्ताव को अभी तक मंजूरी नहीं मिली
आगरा। आगरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके मिश्रा ने बताया कि कौशल विकास आधारित 38 पाठ्यक्रमों का प्रस्ताव विश्वविद्यालय को मई-जून में ही भेजा गया था। इन प्रस्तावों को बोर्ड ऑफ स्टडीज में रखकर मंजूरी दी जानी थी। अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। इन पाठ्यक्रमों में से ही छात्र-छात्राओं को विकल्प दिया जाना है।
पूर्व में संचालित कौशल विकास वाले पाठ्यक्रम ही पढ़ाए जाएंगे
आगरा। आरबीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. यूएन सिंह का कहना है कि उनके यहां पहले से 17 रोजगारपरक पाठ्यक्रम कम्युनिटी कॉलेज में संचालित हैं। स्नातक में प्रवेश लेने वाले छात्रों को इन्हीं पाठ्यक्रमों का विकल्प व्यावसायिक पाठ्यक्रम के तौर पर दिया जाएगा। अलग से किसी पाठ्यक्रम प्रस्ताव विश्वविद्यालय को नहीं भेजा जा रहा है। 12 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।

प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाएगी
कॉलेजों से प्रस्ताव मंगाकर जल्द प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। जिससे छात्र-छात्राओं को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को चुनने का विकल्प मिल सके। - प्रो. आलोक कुमार राय, प्रभारी कुलपति
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