{"_id":"5de49c4a8ebc3e547a44add8","slug":"visara-test-may-open-murder-mystery","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'कैद' में 2000 मौतों का राजः परीक्षण से खुला था इंजीनियर की हत्या का राज, ताक पर रखे 'मानवाधिकार'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'कैद' में 2000 मौतों का राजः परीक्षण से खुला था इंजीनियर की हत्या का राज, ताक पर रखे 'मानवाधिकार'
Mon, 02 Dec 2019 10:38 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 02 Dec 2019 10:38 AM IST
विज्ञापन
पुराने पोस्टमार्टम हाउस में रखा विसरा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो हजार विसरा का परीक्षण न कराए जाने के मामले में समाजसेवियों में गुस्सा है। उनका कहना है कि यह मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का उल्लंघन है। महफूज संस्था के नरेश पारस ने मानवाधिकार आयोग में इसकी शिकायत की है। उनका कहना है कि पुलिस इन विसरा का जल्द से जल्द परीक्षण कराएं।
एसएन मेडिकल कॉजेल के पुराने पोस्टमार्टम हाउस में वर्ष 1990 से 2004 तक के 2000 विसरा रखे हैं। क्षेत्र बजाजा कमेटी के अध्यक्ष सुनील विकल का कहना है कि यह प्रशासन की लापरवाही का मामला है। उनकी कमेटी लावारिस शवों का दाह संस्कार कराती है। अस्थि विसर्जन करती है। एक करोड़ रुपये में पोस्टमार्टम हाउस की बिल्डिंग तैयार कराकर स्वास्थ्य विभाग को दे दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि ये विसरा किन लोगों के हैं? क्या उनके शव की अब तक पहचान नहीं हुई? अगर हो गई तो विसरा को इस तरह लावारिस रखने का क्या मतलब है? इसी से तो पता चलेगा कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का। दोनों सूरत में रिपोर्ट कोर्ट के सामने रखी जानी चाहिए।
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉजेल के पुराने पोस्टमार्टम हाउस में वर्ष 1990 से 2004 तक के 2000 विसरा रखे हैं। क्षेत्र बजाजा कमेटी के अध्यक्ष सुनील विकल का कहना है कि यह प्रशासन की लापरवाही का मामला है। उनकी कमेटी लावारिस शवों का दाह संस्कार कराती है। अस्थि विसर्जन करती है। एक करोड़ रुपये में पोस्टमार्टम हाउस की बिल्डिंग तैयार कराकर स्वास्थ्य विभाग को दे दी है।
विज्ञापन
यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि विसरे को यूं लापरवाही से न रखा जाए। पुलिस इन विसरा का परीक्षण कराए। इसके बाद कानूनी कार्रवाई पूरी कर उन्हें सौंप दे। इन विसरा की अंतिम क्रिया (जो भी जरूरी और धर्म के अनुसार होगी) वह पूरी करा दी जाएगी।
विसरा से खुला था इंजीनियर की हत्या का राज
आवास विकास कॉलोनी सेक्टर चार में मई 2016 में इंजीनियर निर्मल सोलंकी की सुहाग सेज पर ही मौत हो गई थी। पत्नी तारा लापता हो गई थी। पोस्टमार्टम में मौत का कारण पता नहीं चल सका। विसरा परीक्षण से पता चला कि उन्हें जहर दिया गया था। तब पुलिस ने तारा की तलाश शुरू की। उसे जनवरी 2018 में गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
विसरा से खुला था इंजीनियर की हत्या का राज
आवास विकास कॉलोनी सेक्टर चार में मई 2016 में इंजीनियर निर्मल सोलंकी की सुहाग सेज पर ही मौत हो गई थी। पत्नी तारा लापता हो गई थी। पोस्टमार्टम में मौत का कारण पता नहीं चल सका। विसरा परीक्षण से पता चला कि उन्हें जहर दिया गया था। तब पुलिस ने तारा की तलाश शुरू की। उसे जनवरी 2018 में गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।