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UP: विजिलेंस ने रंगेहाथ पकड़ा उप श्रमायुक्त कार्यालय का वरिष्ठ सहायक, नोटिस खत्म कराने के लिए मांगी घूस

Sun, 22 Jun 2025 11:06 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: अरुन पाराशर Updated Sun, 22 Jun 2025 11:06 AM IST
सार

मकान और दुकान बनाते समय मजदूरों का रिकॉर्ड नहीं रखने पर नोटिस भेजा गया था। इस नोटिस को समाप्त कराने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। इस पर टीम ने जांच के बाद वरिष्ठ सहायक को रंगेहाथ गिरफ्तार किया।

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Vigilance arrested senior assistant of Deputy Labor Commissioner Office
रिश्वत केस में गिरफ्तार वरिष्ठ सहायक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

विजिलेंस आगरा सेक्टर की टीम ने उप श्रमायुक्त कार्यालय के वरिष्ठ सहायक प्रदीप वर्मा को शनिवार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। बाह के गांव गढ़ा पचौरी निवासी राज किशोर चौहान ने शिकायत की थी। आरोपी ने विभाग की नोटिस को निरस्त करने के लिए घूस मांगी थी।
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बाह के गांव गढ़ा पचौरी निवासी राज किशोर कुछ समय पहले मकान और दुकान बनवा रहे थे। उन्होंने मजदूरों का रिकाॅर्ड रखने संबंधित रजिस्टर नहीं रखा। इसके आरोप में 28 दिसंबर 2024 को उप कर निर्धारण संग्राहक अधिकारी एवं उप श्रमायुक्त ने एक नोटिस जारी किया था। 21 मार्च 2025 को श्रमायुक्त कानपुर की ओर से कारण बताओ नोटिस दिया गया था।
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नोटिस की प्रतिलिपि उप श्रमायुक्त, आगरा को प्रेषित की गई। नोटिस उप श्रमायुक्त कार्यालय की ओर से राज किशोर चौहान को तामील कराना था। उनके उत्तर का परीक्षण करके आख्या श्रमायुक्त कार्यालय, कानपुर को भेजनी थी। इस नोटिस की वजह से राज किशोर चौहान कई महीनों से परेशान थे।

आरोप है कि उप श्रमायुक्त कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक प्रदीप वर्मा ने उनसे 15 हजार रुपये की मांग की। नोटिस खत्म करने और जुर्माना नहीं लगे देने का आश्वासन दिया। अपना मकान और दुकान बनाने में इस तरह की घूस मांगता देखकर राज किशोर चौहान परेशान हो गए। उन्होंने विजिलेंस कार्यालय में शिकायत की।

 
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एसपी विजिलेंस आलोक शर्मा ने बताया कि टीम ने आरोपी वरिष्ठ सहायक प्रदीप वर्मा के बारे में गोपनीय जांच की। गोपनीय जांच में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। वह लोगों को इसी तरह परेशान करता है। नोटिस दिलाने में भी उसकी भूमिका थी। शनिवार को विजिलेंस ने जाल बिछाया।

पीड़ित को रकम लेकर सदर स्थित उप श्रमायुक्त कार्यालय भेजा। वरिष्ठ सहायक प्रदीप वर्मा ने रकम ले ली। उधर, टीम भी मौजूद थी। रकम हाथ में लेने के बाद अपनी जेब में रख ली। विजिलेंस टीम ने उसे पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ सदर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत केस लिखा गया है। आरोपी वरिष्ठ सहायक को रविवार को मेरठ स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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