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आगरा में पीड़ित का दर्द: थानाध्यक्ष ने बर्तन धुलवाए...शौचालय साफ कराए, मजदूरी व गोबर उठवाया; न्याय फिर भी नहीं
Thu, 19 Oct 2023 08:57 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Thu, 19 Oct 2023 08:57 AM IST
सार
आगरा में सीपी के सामने पीड़ित ने अपना दर्द सुनाया। कहा कि थानाध्यक्ष ने बर्तन धुलवाए और शौचालय साफ कराए। यही नहीं अपने घर पर मजदूरी कराई और गोबर उठवाया। न्याय फिर भी नहीं मिला।
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पुलिस आयुक्त कार्यालय, आगरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में जगनेर थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस आयुक्त से गुहार लगाने के बाद पीड़ित थाने पहुंचा। कहा कि थाना परिसर में पुलिस ने नौकर बनाकर उससे काम करवाया। बर्तन धुलवाए। थानाध्यक्ष ने अपने गांव भेजकर मजदूरी करवाई। गोबर उठवाया। शौचालय साफ कराए। विरोध पर पीटा गया और जेल भेजने की धमकी मिली। 32 दिन तक उसे रखा गया। वह किसी तरह मुक्त हो पाया। बुधवार को दोबारा पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह से मुलाकात करने पर मामले में एसीपी खेरागढ़ को जांच सौंपी गई है।
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अजीजपुर, धनौली निवासी शैलेंद्र उर्फ रिंकू बुधवार को पुलिस आयुक्त के पास पहुंचा। बताया कि वह 19 जुलाई को भी उनसे मिला था। मदद मांगी थी। उसकी पत्नी किसी के साथ चली गई है। जगनेर में किराये पर कमरा लिया था। वहां सामान रखकर चली गई है। सामान वापस दिलाने की गुहार लगाई थी। आपने (पुलिस आयुक्त) मलपुरा एसओ को सामान वापस दिलाने के लिए फोन करके निर्देश दिए थे।
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मैं तुम्हारा काम करता हूं, तुम मेरा करो
शैलेंद्र का आरोप है कि वह एसओ मलपुरा से मिला। सारी घटना बताई। मगर, मामला जगनेर का था। इसलिए एसओ ने जगनेर एसओ अवनीत मान को फोन करके बताया। कहा कि पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए हैं। पीड़ित की मदद की जाए। वह थाने पहुंचा तो अवनीत मान ने काम कराने का आश्वासन दिया। कहा कि मैं तुम्हारा काम करता हूं, तुम मेरा काम करो। थाना परिसर में बने कमरे में 18 अगस्त तक रखा। पुलिस कर्मी कभी बर्तन तो कभी कपड़े धुलवाते थे।सरिया से पीटा, जेल भेजने की धमकी
पीड़ित का आरोप है कि वह परेशान हो गया। एसओ से बात की। उन्होंने शर्त रखी कि बागपत के सिनौली गांव में उनका मकान बन रहा है। वहां देखरेख करते हुए मकान बनवाना होगा। अक्षय मुंशी उसे आईएसबीटी ले गया। बस में परिचित परिचालक के सुपुर्द कर दिया। उसने थानाध्यक्ष के पिता के सुपुर्द कर दिया।
उन्होंने बंधक बना लिया। वह घर में शौचालय साफ कराते थे। भैंसों का गोबर भी फिंकवाने लगे। थाने जाने पर गालीगलौज करते थे। एक दिन गुस्से में सरिया से पिटाई भी की। घर जाने की जिद करने पर एसओ ने भी जेल भेजने की धमकी दी। बाद में 23 सितंबर को उसे मुंशी लेने आया। थानाध्यक्ष के पास ले गया। उन्होंने फिर धमकाया। फिर काम कराया। 15 अक्तूबर को वो बहाना बनाकर आ गया।