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आगरा: 60 हजार वाहनों के पंजीयन होंगे निलंबित, वर्ष 2006 की गाड़ियां ताजनगरी में नहीं दौड़ेंगी!

Tue, 12 Jan 2021 11:42 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 12 Jan 2021 11:42 AM IST
सार

  • 35 हजार दोपहिया वाहन हैं शामिल इनमें
  • 25 हजार तीन-चार पहिया सहित सभी वाहन
  • 52 हजार पंजीयन पहले हो चुके थे निरस्त

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Vehicles Of Year 2006 Will Not Re Registration In Agra
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में 15 साल पुराने निजी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित होने के कारण परिवहन विभाग ने अब 31 अप्रैल 2006 तक के वाहनों के पंजीयन निलंबित कर दिए हैं। 31 जनवरी तक नोटिस देकर वाहनों की सीरीज जारी कर दी जाएगी। इसके बाद छह माह का समय प्रदेश के दूसरे जिलों में स्थानांतरण करने के लिए दिया जाएगा। इन वाहनों में 35 हजार से अधिक दोपहिया हैं। बाकी कार, ऑटो, वैन और अन्य वाहन हैं। 
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संभागीय परिवहन विभाग वर्ष 1999 तक के 52 हजार वाहनों का पंजीयन निरस्त कर चुका है।

अब एक मई 2000 से 31 अप्रैल 2006 तक के वाहनों का चिह्नांकन भी हो चुका है। ऐसे वाहनों की संख्या 60 हजार से अधिक है। इनमें 35 हजार से ज्यादा दोपहिया वाहन शामिल हैं। अन्य वाहनों में कार, जीप, आटोरिक्शा, मेटाडोर आदि हैं।
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इन वाहन स्वामियों को 31 जनवरी तक नोटिस जारी करके पंजीयन निलंबित होने की सूचना दी जाएगी। इसके बाद उन्हें अगले छह माह तक टीटीजेड में नहीं आने वाले दूसरे जिलों में इन गाड़ियों का पंजीयन कराने की छूट होगी, लेकिन इसके लिए इन्हें पहले आरटीओ से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना होगा।

वाहनों को चिह्नित किया
करीब 60 हजार वाहन जोकि 31 अप्रैल 2006 तक  रजिस्टर्ड हैं, उनके पंजीयन निलंबित करने के लिए चिह्नित कर लिया गया है। अब नोटिस जारी किए जाएंगे । -अनिल कुमार सिंह, एआरटीओ (प्रशासन)

कबाड़ वाहनों को जुगाड़ बनाया
अभी तक भले ही 52 हजार से ज्यादा वाहन कबाड़ की श्रेणी में आ चुके हैं। इनमें 1800 डीजल टेंपो, जोकि 2012 में ही बंद हो चुके हैं, उन्हें तक आरटीओ के प्रवर्तन दल बंद नहीं करा सके हैैं। शहर की मंडियों और आरओ प्लांटों पर इनसे माल ढुलाई का काम चल रहा है।


सुबह के वक्त धुएं के गुबार उड़ाते यह टेंपो फर्राटा भरते नजर आते हैं। इसी तरह जो स्कूटर कबाड़ हो चुके हैं, उन्हें ट्रॉली लगाकर जुगाड़ के रूप में चलाया जा रहा है। गल्ला मंडी, लोहामंडी, बेलनगंज में दो हजार से ज्यादा जुगाड़ स्कूटरों से माल ढुलाई का काम किया जा रहा है।

ऐसे वाहन किए जाते हैं नष्ट
15 साल या इससे अधिक पुराने वाहनों को पंजीयन निरस्त होने के बाद चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर जब्त किया जाता है। ऐसे वाहनों को कोर्ट से भी नहीं छुड़ाया जा सकता है। ऐसे में इन वाहनों को नष्ट करने की कार्रवाई की जाती है। पिछले साल भी जुगाड़ वाहनों को नष्ट किया गया था। -अनिल कुमार, आरटीओ (प्रवर्तन)
 
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