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गजब का खेल: आधार किसी का फोटो में कोई और..., हो गया वाहन स्थानांतरण; आरटीओ में हो रहा फर्जीवाड़ा
Fri, 29 Sep 2023 10:06 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 29 Sep 2023 10:06 AM IST
सार
वाहन स्थानांतरण के मामले में फर्जी आधार कार्ड का खेल थम नहीं रहा है। एआरटीओ (प्रशासन) कई फाइलों में फर्जी आधार के मामले पहले भी पकड़ चुके हैं।
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फर्जी आधार कार्ड
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विस्तार
आगरा में संभागीय परिवहन विभाग में फर्जी आधार कार्ड का खेल थम नहीं रहा। एक वाहन स्थानांतरण के बाद हुए शिकायत की जांच में आधार किसी का और फोटो दूसरे का होने का मामला पकड़ा गया है। हालांकि कुछ लोग इसे दबाने में लगे हैं। एआरटीओ (प्रशासन) कई फाइलों में फर्जी आधार के मामले पहले भी पकड़ चुके हैं।
ऐसे हो रहा फर्जीवाड़ा
आरटीओ कार्यालय में वाहनों से संबंधी कार्य में आधार कार्ड की छायाप्रति लगती है। फर्जी आधार लगाकर काम कराने वाला गिरोह विभाग में सक्रिय है। नया मामला एक कॉमर्शियल वाहन का है। पति की मृत्यु के बाद पत्नी ने वाहन अपने नाम कराने के लिए आवेदनपत्र दिया। वारिस प्रमाणपत्र में पति के माता-पिता का नाम अंकित था। इसलिए उनकी स्वीकृति मांगी गई। सास-ससुर का आधार कार्ड लगा दिया गया लेकिन उनकी जगह अपने-माता-पिता की फोटो लगाई और हस्ताक्षर भी कर दिए। इसके बाद वाहन स्थानांतरण कर दिया गया। दूसरे पक्ष के शिकायत करने पर वाहन की फाइल को सुरक्षित रखवा दिया गया है।
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ऐसे हो रहा फर्जीवाड़ा
आरटीओ कार्यालय में वाहनों से संबंधी कार्य में आधार कार्ड की छायाप्रति लगती है। फर्जी आधार लगाकर काम कराने वाला गिरोह विभाग में सक्रिय है। नया मामला एक कॉमर्शियल वाहन का है। पति की मृत्यु के बाद पत्नी ने वाहन अपने नाम कराने के लिए आवेदनपत्र दिया। वारिस प्रमाणपत्र में पति के माता-पिता का नाम अंकित था। इसलिए उनकी स्वीकृति मांगी गई। सास-ससुर का आधार कार्ड लगा दिया गया लेकिन उनकी जगह अपने-माता-पिता की फोटो लगाई और हस्ताक्षर भी कर दिए। इसके बाद वाहन स्थानांतरण कर दिया गया। दूसरे पक्ष के शिकायत करने पर वाहन की फाइल को सुरक्षित रखवा दिया गया है।
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ये बोले अधिकारी
दूसरी ओर आरआई (प्रशासन) उमेश कटियार का कहना है कि वाहन स्थानांतरण में दूसरा वारिस प्रमाणपत्र लगाया गया, जिसमें सास-ससुर का नाम नहीं था। उसी के आधार पर वाहन स्थानांतरण किया गया है।
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दूसरी ओर आरआई (प्रशासन) उमेश कटियार का कहना है कि वाहन स्थानांतरण में दूसरा वारिस प्रमाणपत्र लगाया गया, जिसमें सास-ससुर का नाम नहीं था। उसी के आधार पर वाहन स्थानांतरण किया गया है।
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