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'भारत की मुफ्त उड़ान भरें': ताजमहल के साथ अमेरिकी स्व-निर्वासन विज्ञापन, आगरा के पर्यटन उद्यमियों में आक्रोश
Thu, 19 Mar 2026 07:33 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 19 Mar 2026 07:33 AM IST
सार
अमेरिका के निर्वासन प्रचार पोस्टर में ताजमहल की तस्वीर के इस्तेमाल से आगरा के पर्यटन उद्यमियों में तीखा आक्रोश फैल गया। संस्थाओं ने इसे भारत की सांस्कृतिक पहचान का अपमान बताते हुए अमेरिकी प्रशासन से पोस्टर हटाने और माफी की मांग की।
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ताजमहल
- फोटो : X/@DHSgov
विस्तार
अमेरिका के पोस्टर में ताजमहल प्रकाशित करने पर ताजनगरी के पर्यटन उद्यमियों और संस्थाओं ने तीखा रोष व्यक्त किया है। अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने स्वैच्छिक निर्वासन के प्रचार के लिए ताजमहल की तस्वीर का इस्तेमाल किया है जिसे पर्यटन जगत ने भारत का सीधा अपमान करार दिया है।
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि ताजमहल यूनेस्को की धरोहर है। यह केवल स्मारक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव और सभ्यता का प्रतीक है। अमेरिका की ट्रंप सरकार ने इसे अवैध प्रवासियों और देश निकाला जैसी नकारात्मक नीति के पोस्टर पर चस्पा करना बेहद आपत्तिजनक कार्य किया है। भारत की वैश्विक छवि को धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश है। शहर की प्रमुख पर्यटन संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने एक सुर में इस कृत्य की निंदा की है।
अहंकार की पराकाष्ठा
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल ने बताया कि अमरीका अपनी स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी को स्वतंत्रता का चेहरा बनाता है, लेकिन ताजमहल को निर्वासन का चेहरा बनाना उसके दोहरे मापदंड और अहंकार की पराकाष्ठा है। सरकार को तत्काल अमेरिकी दूतावास के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराना चाहिए।
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प्रेम का प्रतीक ताजमहल
कंफडरेशन ऑफ टूरिज्म एसोसिएशंस के अध्यक्ष राजीव तिवारी ने कहा कि ताजमहल प्रेम और वैश्विक भाईचारे का प्रतीक है। अमरीका को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। यह बहुत ही अपमानजनक कृत्य है।
फोटो नहीं करनी थी इस्तेमाल
नेशनल चैंबर अध्यक्ष संजय गोयलट का कहना है कि अमेरिका को ताज का फोटो उपयोग नहीं करना चाहिए। ट्रंप जानबूझकर भारतीयों को परेशान कर रहे हैं। इससे दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ेगा।
अपनी भूल सुधारें डोनाल्ड ट्रंप
अध्यक्ष आईएमए डॉ. पंकज नगायच ने कहा कि ताजमहल भारत की पहचान का एक प्रतीक है। इसे तत्काल हटाकर ट्रंप को अपनी भूल सुधारनी चाहिए।
यह मर्यादा के विरुद्ध
पूर्व अध्यक्ष टूरिज्म गिल्ड राजीव सक्सेना ने कहा कि अमेरिका का यह कृत्य मर्यादा के विरुद्ध है। सांस्कृतिक सम्मान के मूल सिद्धांत का उल्लंघन है।
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पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि ताजमहल यूनेस्को की धरोहर है। यह केवल स्मारक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव और सभ्यता का प्रतीक है। अमेरिका की ट्रंप सरकार ने इसे अवैध प्रवासियों और देश निकाला जैसी नकारात्मक नीति के पोस्टर पर चस्पा करना बेहद आपत्तिजनक कार्य किया है। भारत की वैश्विक छवि को धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश है। शहर की प्रमुख पर्यटन संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने एक सुर में इस कृत्य की निंदा की है।
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अहंकार की पराकाष्ठा
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल ने बताया कि अमरीका अपनी स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी को स्वतंत्रता का चेहरा बनाता है, लेकिन ताजमहल को निर्वासन का चेहरा बनाना उसके दोहरे मापदंड और अहंकार की पराकाष्ठा है। सरकार को तत्काल अमेरिकी दूतावास के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराना चाहिए।
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प्रेम का प्रतीक ताजमहल
कंफडरेशन ऑफ टूरिज्म एसोसिएशंस के अध्यक्ष राजीव तिवारी ने कहा कि ताजमहल प्रेम और वैश्विक भाईचारे का प्रतीक है। अमरीका को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। यह बहुत ही अपमानजनक कृत्य है।
फोटो नहीं करनी थी इस्तेमाल
नेशनल चैंबर अध्यक्ष संजय गोयलट का कहना है कि अमेरिका को ताज का फोटो उपयोग नहीं करना चाहिए। ट्रंप जानबूझकर भारतीयों को परेशान कर रहे हैं। इससे दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ेगा।
अपनी भूल सुधारें डोनाल्ड ट्रंप
अध्यक्ष आईएमए डॉ. पंकज नगायच ने कहा कि ताजमहल भारत की पहचान का एक प्रतीक है। इसे तत्काल हटाकर ट्रंप को अपनी भूल सुधारनी चाहिए।
यह मर्यादा के विरुद्ध
पूर्व अध्यक्ष टूरिज्म गिल्ड राजीव सक्सेना ने कहा कि अमेरिका का यह कृत्य मर्यादा के विरुद्ध है। सांस्कृतिक सम्मान के मूल सिद्धांत का उल्लंघन है।