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Agra: निजी अस्पताल में मरीज की मौत..ऑपरेशन के बाद नहीं आया होश, परिजनों का हंगामा; शव नहीं देने पर बुलाई पुलिस
Tue, 22 Jul 2025 12:07 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 22 Jul 2025 12:07 AM IST
सार
आगरा के निजी अस्पताल में मरीज की माैत के बाद हंगामा हो गया। अस्पताल की ओर से शव नहीं देने पर परिजनों ने पुलिस बुला ली। तब जाकर परिजनों को शव दिया गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के कमला नगर स्थित एक निजी अस्पताल में सोमवार को मरीज की मौत के बाद परिजन ने हंगामा कर दिया। धरना देते हुए ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाया। चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 112 नंबर पर काॅल कर पुलिस बुला ली। हालांकि, बाद में समझाैता हो गया।
मृतक के परिजन बल्केश्वर के लोहिया नगर निवासी मनोज गुप्ता ने बताया कि राजेश कुमार (42) के एपेंडिक्स की परेशानी पर कमला नगर के अस्पताल में 17 जुलाई को भर्ती कराया था। अगले दिन ऑपरेशन हुआ, इसके बाद से मरीज को होश नहीं आया। डॉक्टर ने कहा कि 72 घंटे में ठीक हो जाएंगे। सोमवार की दोपहर में उनकी मौत होने की जानकारी दी। ऑपरेशन भी अन्य डॉक्टर ने किया।
एक लाख रुपये खर्च होने के बाद 53 हजार रुपये का बिल और 16 हजार की दवाओं का बिल और दे दिया। मरीज का शव भी नहीं दे रहे थे। इस पर 112 पर फोन कर पुलिस को बुला ली। पुलिस ने परिजनों को शव दिलवाने के बाद समझाैता करा दिया। इसके बाद परिजन चले गए। अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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मृतक के परिजन बल्केश्वर के लोहिया नगर निवासी मनोज गुप्ता ने बताया कि राजेश कुमार (42) के एपेंडिक्स की परेशानी पर कमला नगर के अस्पताल में 17 जुलाई को भर्ती कराया था। अगले दिन ऑपरेशन हुआ, इसके बाद से मरीज को होश नहीं आया। डॉक्टर ने कहा कि 72 घंटे में ठीक हो जाएंगे। सोमवार की दोपहर में उनकी मौत होने की जानकारी दी। ऑपरेशन भी अन्य डॉक्टर ने किया।
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एक लाख रुपये खर्च होने के बाद 53 हजार रुपये का बिल और 16 हजार की दवाओं का बिल और दे दिया। मरीज का शव भी नहीं दे रहे थे। इस पर 112 पर फोन कर पुलिस को बुला ली। पुलिस ने परिजनों को शव दिलवाने के बाद समझाैता करा दिया। इसके बाद परिजन चले गए। अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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दो नवजात के बाद प्रसूता की भी माैत, बिफरे परिजन
वहीं खंदाैली क्षेत्र की रहने वाली प्रीति को 17 जुलाई को टेढ़ी बगिया स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था लेकिन उनकी हालत बिगड़ गई। दो दिन अस्पताल में भर्ती रखा गया, पर रविवार सुबह नवजातों की माैत हो गई। उधर, महिला की हालत में भी सुधार नहीं हो रहा था। परिजन का कहना है कि चिकित्सक के कहने पर महिला को एत्माद्दाैला क्षेत्र स्थित अस्पताल में लेकर आए थे। सोमवार को प्रीति की भी माैत हो गई। इस पर परिजन हंगामा करने लगे। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। हालांकि, बाद में परिजन ने समझाैता कर लिया। पुलिस को तहरीर नहीं दी। शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया।
एसीपी छत्ता पियूषकांत राय ने बताया कि कमला नगर के अस्पताल में युवक की माैत पर हंगामा हुआ था लेकिन परिजन ने तहरीर नहीं दी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से समझाैता कर लिया। एत्माद्दाैला क्षेत्र में भी महिला की माैत पर परिजन ने कार्रवाई नहीं कराई। पहले इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया गया था। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।
वहीं खंदाैली क्षेत्र की रहने वाली प्रीति को 17 जुलाई को टेढ़ी बगिया स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था लेकिन उनकी हालत बिगड़ गई। दो दिन अस्पताल में भर्ती रखा गया, पर रविवार सुबह नवजातों की माैत हो गई। उधर, महिला की हालत में भी सुधार नहीं हो रहा था। परिजन का कहना है कि चिकित्सक के कहने पर महिला को एत्माद्दाैला क्षेत्र स्थित अस्पताल में लेकर आए थे। सोमवार को प्रीति की भी माैत हो गई। इस पर परिजन हंगामा करने लगे। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। हालांकि, बाद में परिजन ने समझाैता कर लिया। पुलिस को तहरीर नहीं दी। शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया।
एसीपी छत्ता पियूषकांत राय ने बताया कि कमला नगर के अस्पताल में युवक की माैत पर हंगामा हुआ था लेकिन परिजन ने तहरीर नहीं दी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से समझाैता कर लिया। एत्माद्दाैला क्षेत्र में भी महिला की माैत पर परिजन ने कार्रवाई नहीं कराई। पहले इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया गया था। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।