{"_id":"6a534e3ae046957fa2069495","slug":"uproar-at-agra-cantt-station-rpf-personnel-assault-deputy-ss-2026-07-12","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"VIDEO: स्टेशन पर RPF जवान और रेलवे कर्मी भिड़े, स्टेशन उपाधीक्षक को पीटा, घसीटते हुए ले गए थाने; चार निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
VIDEO: स्टेशन पर RPF जवान और रेलवे कर्मी भिड़े, स्टेशन उपाधीक्षक को पीटा, घसीटते हुए ले गए थाने; चार निलंबित
Sun, 12 Jul 2026 01:50 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 12 Jul 2026 01:50 PM IST
सार
आगरा कैंट स्टेशन पर रविवार को हंगामा हो गया। आरपीएफ जवानों पर आरोप है कि उन्होंने स्टेशन पर तैनात डिप्टी स्टेशन अधीक्षक से मारपीट की। प्लेटफाॅर्म से घसीटते हुए थाने ले गए। इससे यात्रियों में अफरातफरी की स्थिति बन गई।
विज्ञापन
स्टेशन पर रेलवे कर्मी को घसीटते हुए ले जाते आरपीएफ कर्मी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हीराकुंड एक्सप्रेस को रुकवाने पर स्टेशन उपाधीक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र सिंह चाहर की आरपीएफ के जवानों से बहस हो गई। इस पर आरपीएफ के जवानों ने डिप्टी एसएस को प्लेटफॉर्म पर गिरा-गिराकर पीटा। घसीटते हुए आरपीएफ पोस्ट पर ले गए। घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हीराकुंड एक्सप्रेस भी कुछ देर स्टेशन पर खड़ी रही। घटना के वीडियो वायरल हो गए। रेल प्रशासन ने दो एएसआई समेत चार जवानों को निलंबित कर दिया। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।
अमृतसर से विशाखापत्तनम जा रही हीराकुंड एक्सप्रेस रविवार सुबह 10:51 बजे आगरा कैंट के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आकर रुकी। इसी दौरान ट्रेन में यात्रा कर रही लुधियाना की यात्री रंजीता राव पेठा खरीदने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतर गईं। खरीदारी में देरी होने पर ट्रेन चलने लगी। ड्यूटी पर मौजूद स्टेशन उपाधीक्षक नरेंद्र सिंह चाहर ने महिला को दौड़ते देखा तो गार्ड को सूचना देकर ट्रेन रुकवा दी, जिससे महिला ट्रेन में सवार हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमृतसर से विशाखापत्तनम जा रही हीराकुंड एक्सप्रेस रविवार सुबह 10:51 बजे आगरा कैंट के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आकर रुकी। इसी दौरान ट्रेन में यात्रा कर रही लुधियाना की यात्री रंजीता राव पेठा खरीदने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतर गईं। खरीदारी में देरी होने पर ट्रेन चलने लगी। ड्यूटी पर मौजूद स्टेशन उपाधीक्षक नरेंद्र सिंह चाहर ने महिला को दौड़ते देखा तो गार्ड को सूचना देकर ट्रेन रुकवा दी, जिससे महिला ट्रेन में सवार हो सके।
विज्ञापन
इसी दौरान मौके पर पहुंचे आरपीएफ के एएसआई और कांस्टेबलों ने ट्रेन रुकने को चेन पुलिंग का मामला समझ लिया। महिला यात्री और उनके साथ मौजूद आशीष कुमार को ट्रेन में चढ़ने से रोकते हुए उन पर एक हजार रुपये जुर्माना लगा दिया। डिप्टी एसएस ने आरपीएफ कर्मियों को बताया कि ट्रेन चेन पुलिंग से नहीं, बल्कि उनके निर्देश पर रोकी गई है लेकिन आरपीएफ कर्मी नहीं माने।
ये भी पढ़ें-आगरा हादसा: चाैथे दिन भी जारी रहा रेस्क्यू ऑपरेशन, गंगा देवी का नहीं लगा पता; नाले से लेकर यमुना तक तलाश
ये भी पढ़ें-आगरा हादसा: चाैथे दिन भी जारी रहा रेस्क्यू ऑपरेशन, गंगा देवी का नहीं लगा पता; नाले से लेकर यमुना तक तलाश
बहस के बाद आरपीएफ कर्मियों ने डिप्टी एसएस को बुरी तरह पिटाई लगाना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में आरपीएफ के कई जवान प्लेटफॉर्म पर गिरा-गिराकर पीट रहे हैं। इसके बाद घसीटते हुए आरपीएफ पोस्ट पर ले गए। घटना से प्लेटफॉर्म पर अफरातफरी मच गई। सूचना पर रेल अधिकारी पहुंचे और बीच-बचाव का प्रयास भी किया लेकिन विवाद शांत नहीं हुआ। इस दौरान हीराकुंड एक्सप्रेस भी कुछ देर तक स्टेशन पर खड़ी रही। सूचना मिलने पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। महिला यात्री ने जीआरपी थाने पर प्रार्थनापत्र देकर अपने बयान दर्ज कराए हैं। आरोप लगाया कि है कि आरपीएफ जवानों ने उनसे पैसे लेकर रसीद नहीं दी। इसी के बाद विवाद बढ़ा।
आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति में एएससी आगरा कैंट, एडीईई और एओएम को शामिल किया गया है। दूसरी ओर, एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बालकिशन, आरपीएफ कांस्टेबल जितेंद्र और बदन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद रेलवे नियमों के अनुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति में एएससी आगरा कैंट, एडीईई और एओएम को शामिल किया गया है। दूसरी ओर, एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बालकिशन, आरपीएफ कांस्टेबल जितेंद्र और बदन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद रेलवे नियमों के अनुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।