UP: पुलिस ने 24 घंटे में सकुशल बरामद किया अगवा हुआ बच्चा, अपहरणकर्ता अब भी चंगुल से बाहर
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कोसीकलां से शुक्रवार को अगवा हुए बालक को पुलिस ने 24 घंटे में सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि इस मामले में अभी तक अपहरण करने वालों की गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन पुलिस ने दावा किया है कि उनकी पहचान हो गई है। वहीं, बच्चे तक पहुंचने में सोशल मीडिया पुलिस के लिए काफी हद तक मददगार साबित हुआ। आरोपी जल्दी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
उधर, जिस बच्चे को अगवा किया गया था, उसे बदमाशों ने हाथ-पांव बांधकर एक कोठरी में डाल रखा था। होश में आने पर जब वह चिल्लाया तो बंदूक दिखा कर शांत रहने के लिए धमकाया गया। थाना कोसीकलां की कृष्णा कॉलोनी निवासी राजकुमार के 8 साल के बेटे लक्ष्मण का शुक्रवार की दोपहर शिशु मंदिर से बाइक सवार दो नकाबपोशों ने अपहरण कर लिया था। इस मामले में रातभर पुलिस की टीमें जुटी रहीं। शनिवार की सुबह गांव महराना के जंगल में बनी कोठरी का ताला तोड़कर लक्ष्मण को बरामद कर लिया गया।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार और स्वाट टीम प्रभारी हरवेंद्र मिश्रा की टीम ने लक्ष्मण को सकुशल मुक्त करा लिया है। दो अपहरणकर्ताओं के नाम प्रकाश में आए हैं। जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे। बताया गया कि फेसबुक पर दो युवक अपह्त बालक के विषय में चैटिंग कर रहे थे कि उन्होंने गांव महराना की तरफ लोगों को जाते देखा। इन युवकाें से पूछताछ की गई तो पुलिस ने उस राह को पकड़ा। इसमें सवेरे होते ही सफलता मिल गई। एसएसपी ने बताया कि पुलिस टीम को आईजी आगरा की तरफ से 20 हजार रुपये का टीम को पुरस्कार और सीओ छाता चंद्रधर गौड़ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। उधर, अपहरण में उपयोग की गई बाइक बरामद कर ली गई है। अपहरणकर्ताओं के घरों पर दी दबिश दी जा रही है।
लक्ष्मण के अपहरण में फिरौती से इंकार नहीं
अपहृत बालक लक्ष्मण ने बताया कि बाइक सवारों ने उसे बर्गर में नशे की गोली मिलाकर खाने को दी थी। न खाने पर गोली मारने की धमकी भी दी। उसके बाद उसे वह कहां ले गए, यह उसे नहीं पता। सवेरे नशा उतरा तो उसने खुद को कोठरी में बंद पाया। दरवाजा खटखटाया, पर किसी ने उसकी आवाज नहीं सुनी। बाद में पुलिस ने दरवाजा के ताला तोड़कर निकाला।
तीन भाइयों में सबसे छोटा है लक्ष्मण
अपहृत बालक के मुक्त होने पर पिता राजकुमार और चाचा काफी खुश नजर आ रहे हैं। बार-बार दोनों भाई पुलिस का शुक्रिया अदा कर रहे थे। लक्ष्मण के पिता कोसीकलां बस अड्डे पर जनरल स्टोर की दुकान चलाते हैं। लक्ष्मण तीन भाइयों में सबसे छोटा है। उससे बड़े जीतू और नितिन है।
एसपी देहात आदित्य शुक्ला ने बताया कि अपहरण के पीछे क्या मकसद था। इसका खुलासा अपहरणकर्ताओं के पकड़े जाने पर ही हो सकेगा। बालक लक्ष्मण के परिजन रंजिश से साफ इंकार कर रहे हैं। इसके अलावा चर्चा है कि तीन महीने पहले लक्ष्मण के चाचा मनोज ने 15 लाख रुपये की दुकान बेची थी और एक दुकान 20 लाख रुपये में लेने की बात भी चल रही थी। एसपी देहात फिरौती से इंकार नहीं कर रहे हैं।