{"_id":"5d8a48eb8ebc3e01816726d3","slug":"up-news-sixty-houses-cracks-in-mathura","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: रहस्यमय ढंग से 60 मकानों में आईं दरारें, वजह स्पष्ट नहीं, दहशत में लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: रहस्यमय ढंग से 60 मकानों में आईं दरारें, वजह स्पष्ट नहीं, दहशत में लोग
Wed, 25 Sep 2019 12:07 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 25 Sep 2019 12:07 AM IST
विज्ञापन
मकानों में आईं दरारें
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा के गताश्रम टीला पर मकान फट रहे हैं। 60 मकान ऐसे हैं, जिनकी छत से लेकर दीवारों तक में दरारें आ गईं हैं। इससे लोगों में दहशत है। इससे पहले भी पुराने शहर में मकान फटने की घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन नगर निगम अभी तक ठोस वजह पता नहीं कर पाया है।
गताश्रम टीला पुराने शहर का बड़ा इलाका है। वार्ड 57 के अंतर्गत आने वाले इस इलाके में पुराने मकान तो फट ही रहे हैं नए बने मकानों में भी बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं हैं। लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यहां अरविंद चतुर्वेदी ने आठ साल पहले मकान बनवाया था लेकिन बीते कुछ दिनों में पूरे मकान में दरारें आ गईं हैं।
श्रीजी मंदिर प्रांगण की हर दीवार में दरार है। इस संबंध में नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार मांदड़ ने बताया कि वो एक सप्ताह के अंदर पूरे क्षेत्र का भ्रमण कर मकानों के फटने के कारणों का अध्ययन करेंगे और उनका निस्तारण भी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गताश्रम टीला पुराने शहर का बड़ा इलाका है। वार्ड 57 के अंतर्गत आने वाले इस इलाके में पुराने मकान तो फट ही रहे हैं नए बने मकानों में भी बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं हैं। लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यहां अरविंद चतुर्वेदी ने आठ साल पहले मकान बनवाया था लेकिन बीते कुछ दिनों में पूरे मकान में दरारें आ गईं हैं।
विज्ञापन
श्रीजी मंदिर प्रांगण की हर दीवार में दरार है। इस संबंध में नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार मांदड़ ने बताया कि वो एक सप्ताह के अंदर पूरे क्षेत्र का भ्रमण कर मकानों के फटने के कारणों का अध्ययन करेंगे और उनका निस्तारण भी किया जाएगा।
विज्ञापन
स्थानीय लोग हैरान-परेशान
गताश्रम टीले पर जिस क्षेत्र में मकानों में दरार आ रही हैं वहां हर कोई परेशान है। अरविंद चतुर्वेदी उर्फ टईंयां ने बताया कि उसने विगत आठ वर्ष पूर्व मकान का निर्माण कराया परंतु जमीन में पानी मरने से वह धंस रही है आौर कोई सुनने वाला ही नहीं है।
अजय कुमार और राधारानी अग्रवाल ने बताया कि उनके घर में भी दरार है पर कोई सुनने वाला नहीं है। घर के सभी लोग अब यह स्थान छोड़कर कहीं और जाने पर विचार कर रहे हैं। इनका कहना है कि उन्होंने सभी से कहकर देख लिया मगर उनका दर्द किसी ने नहीं सुना।
विवेक कुमार का कहना है कि सीवर लाइन और पानी की पाइप लाइन पड़ी हुई है। इसी से पानी रिसता है जिसके कारण मकान धंस रहे हैं। उनका कहना है कि अब तो यहां रहते हुए डर लगता है। लोगों ने बड़ी मेहनत के साथ अपने मकान को बनाया था मगर सारा पैसा यूं ही बर्बाद हो रहा है।
अजय कुमार और राधारानी अग्रवाल ने बताया कि उनके घर में भी दरार है पर कोई सुनने वाला नहीं है। घर के सभी लोग अब यह स्थान छोड़कर कहीं और जाने पर विचार कर रहे हैं। इनका कहना है कि उन्होंने सभी से कहकर देख लिया मगर उनका दर्द किसी ने नहीं सुना।
विवेक कुमार का कहना है कि सीवर लाइन और पानी की पाइप लाइन पड़ी हुई है। इसी से पानी रिसता है जिसके कारण मकान धंस रहे हैं। उनका कहना है कि अब तो यहां रहते हुए डर लगता है। लोगों ने बड़ी मेहनत के साथ अपने मकान को बनाया था मगर सारा पैसा यूं ही बर्बाद हो रहा है।
इन इलाकों में भी धंस रहे मकान
चौबियापाड़ा, घाटीबहाल राय, सीतला घाटी, कपूरनर घाट, कुत्ता पाइसा, मानिक चौक, गजा पाइसा, तुलसी चबूतरा, सतगढ़ा, महोली की पौर, चौबच्चा मुहल्ला, रतनकुंड।
टीले पर बसने के कारण धंस रहे मकान
घीया मंडी समेत क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में मकान धंसने पर जब निगम अधिकारियों से शिकायत की गई थी तो नगर निगम के इंजीनियरों ने रिपोर्ट दी थी कि मकान धंसने का कारण सीवर लाइन का पानी रिसना नहीं है बल्कि पूरा क्षेत्र टीले पर बसे होने के कारण यहां की जमीन धंस रही है।
इससे पूर्व भी अलीगढ़ एएमयू तथा आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों की टीम भी संयुक्त रूप से निरीक्षण कर चुकी है। इस टीम ने भी यही रिपोर्ट दी थी कि यह पूरा क्षेत्र टीले पर बसा है और इस क्षेत्र में मकानों में आने वाली दरार जमीन के धंसने के कारण हैं।
टीले पर बसने के कारण धंस रहे मकान
घीया मंडी समेत क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में मकान धंसने पर जब निगम अधिकारियों से शिकायत की गई थी तो नगर निगम के इंजीनियरों ने रिपोर्ट दी थी कि मकान धंसने का कारण सीवर लाइन का पानी रिसना नहीं है बल्कि पूरा क्षेत्र टीले पर बसे होने के कारण यहां की जमीन धंस रही है।
इससे पूर्व भी अलीगढ़ एएमयू तथा आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों की टीम भी संयुक्त रूप से निरीक्षण कर चुकी है। इस टीम ने भी यही रिपोर्ट दी थी कि यह पूरा क्षेत्र टीले पर बसा है और इस क्षेत्र में मकानों में आने वाली दरार जमीन के धंसने के कारण हैं।