Land acquisition: 140 किसानों की जमीन जबरन की जाएगी अधिग्रहीत, शासन ने जारी किए निर्देश
रेलवे लाइन के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। किसान जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं, जिससे मलावन स्थित जवाहर तापीय परियोजना तक रेलवे लाइन का कार्य अटका हुआ है।
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उत्तर मध्य रेलवे द्वारा एटा रेलवे स्टेशन से मलावन स्थित जवाहर तापीय परियोजना तक रेलवे लाइन का काम किया जा रहा है, लेकिन कुछ किसानों द्वारा जमीन न देने की वजह से कार्य लटका हुआ है। अब शासन की ओर से किसानों की भूमि का अनिवार्य (जबरन) रूप से अधिग्रहण करने के निर्देश दे दिए गए हैं। जमीन अधिग्रहीत कर रेलवे को उपलब्ध कराई जाएगी।
एटा रेलवे स्टेशन से मलावन स्थित जवाहर तापीय परियोजना तक नई रेल लाइन का काम चल रहा है। इसके लिए करीब 140 किसानों ने अभी तक भूमि नहीं दी है। कई छोटे व मझले किसान हैं जो बाहर रहते हैं और जमीन देने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा इन किसानों की भूमि का अनिवार्य अधिग्रहण किए जाने का आदेश जारी किया गया है।
इसके लिए किसानों को निर्धारित मुआवजा दिया जाएगा। यह प्रक्रिया एक माह के अंदर की जाएगी। वहीं नगला गोकुल से आगे वन विभाग ने रेलवे को अपनी जमीन पर रेल लाइन बिछाने के लिए एनओसी दे दी है। जवाहर तापीय परियोजना के अवर अभियंता सुमंत सिंह ने बताया कि एटा रेलवे स्टेशन से जवाहर तापीय परियोजना तक करीब 140 किसानों द्वारा भूमि नहीं दी गई है। इन किसानों की भूमि अनिवार्य अधिग्रहीत की जाएगी और निर्धारित मुआवजा उनको दिया जाएगा।
लूप लाइन के समानांतर बिछाया जा रहा ट्रैक
बता दें शहर के रेलवे स्टेशन से जवाहर तापीय परियोजना तक रेलवे लाइन का विस्तार किया जा रहा है। स्टेशन के आगे तीन लूप लाइन बिछाई जा रही हैं, जहां पर मालगाड़ी खड़ी हो सकें। वहीं लूप लाइन के पास नगला गोकुल गांव की तरफ एक नया ट्रैक बिछाया जा रहा है जिसे जवाहर तापीय परियोजना तक ले जाया जाएगा।