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IVF Baby: आगरा ने 25 साल पहले बांझपन को हराया था, जन्मा था प्रदेश का पहला टेस्ट ट्यूब बेबी
Tue, 25 Jul 2023 10:03 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 25 Jul 2023 10:03 AM IST
सार
आगरा के मल्होत्रा नर्सिंग होम एंड मेटरनिटी होम में प्रदेश का पहला आईवीएफ शिशु जन्मा था। अब तक इस तकनीक से हजारों दंपतियों का घर खुशियों से भर गया है।
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- फोटो : istock
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विस्तार
आईवीएफ से निसंतान दंपतियों के घर भी किलकारी गूंज रही है। इस तकनीकी से आगरा के मल्होत्रा नर्सिंग होम एंड मेटरनिटी होम में 25 साल पहले प्रदेश का पहला टेस्ट ट्यूब बेबी जन्मा था। अब तक इस तकनीक से हजारों दंपतियों का घर खुशियों से भर गया है।
रेनबो आईवीएफ की निदेशक डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने बताया कि 25 साल पहले 1998 में जब टेस्ट ट्यूब बेबी जन्मा तो दयालबाग की दंपती और अस्पताल में उत्सव का माहौल था। इस पर बच्चे का नाम भी उत्सव रखा। डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि प्राकृतिक तरीके से संतान पैदा नहीं होने वाले दंपति करीब 15 फीसदी हैं, इनके लिए ये तकनीक वरदान साबित हो रही है।\
डॉ. निहारिका मल्होत्रा ने बताया कि 2013 में अत्याधुनिक उपकरणों से रेनबो आईवीएफ की स्थापना हुई। इसके बाद नेपाल, बांग्लादेश समेत 18 शाखाएं संचालित हैं, जिसमें निसंतान दंपतियों के सपने पूरे हो रहे हैं। डॉ. केशव मल्होत्रा ने कहा कि भ्रूण को निगरानी के लिए अस्पताल में सबसे आधुनिक लैब है। यहां विशेषज्ञ टीम में डॉ. शैली गुप्ता, डॉ. नीरजा सचदेव भी हैं।
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रेनबो आईवीएफ की निदेशक डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने बताया कि 25 साल पहले 1998 में जब टेस्ट ट्यूब बेबी जन्मा तो दयालबाग की दंपती और अस्पताल में उत्सव का माहौल था। इस पर बच्चे का नाम भी उत्सव रखा। डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि प्राकृतिक तरीके से संतान पैदा नहीं होने वाले दंपति करीब 15 फीसदी हैं, इनके लिए ये तकनीक वरदान साबित हो रही है।\
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डॉ. निहारिका मल्होत्रा ने बताया कि 2013 में अत्याधुनिक उपकरणों से रेनबो आईवीएफ की स्थापना हुई। इसके बाद नेपाल, बांग्लादेश समेत 18 शाखाएं संचालित हैं, जिसमें निसंतान दंपतियों के सपने पूरे हो रहे हैं। डॉ. केशव मल्होत्रा ने कहा कि भ्रूण को निगरानी के लिए अस्पताल में सबसे आधुनिक लैब है। यहां विशेषज्ञ टीम में डॉ. शैली गुप्ता, डॉ. नीरजा सचदेव भी हैं।
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