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यूपी: ट्रेन में वसूली कर रहा था फर्जी विजिलेंस अफसर, आईकार्ड से खुल गई पोल
Tue, 13 Feb 2024 12:26 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 13 Feb 2024 12:26 PM IST
सार
फर्जी विजिलेंस अफसर बनकर यात्रियों से उगाही करने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। वो जिस आईकार्ड को दिखा रहा था, वो फर्जी निकला, जिसके बाद उसकी पोल खुल गई।
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ट्रेन
- फोटो : Social Media
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विस्तार
आगरा में कर्नाटका एक्सप्रेस में यात्रियों से वसूली करते हुए फर्जी डिप्टी मुख्य विजिलेंस अधिकारी (सीवीओ) पकड़ा गया है। केस दर्ज कर उसे दिल्ली जीआरपी को सौंप दिया गया।
रेलवे वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि गाड़ी संख्या 12628 कर्नाटका एक्सप्रेस में दिल्ली से मथुरा के बीच डिप्टी सीवीओ बनकर राजकुमार यात्रियों से चेकिंग के नाम पर वसूली कर रहा था। इसी ट्रेन में डिप्टी सीटीआई सनी भल्ला भी चेकिंग कर रहे थे। सामना हुआ तो वो इन पर भी रुतबा दिखाने लगा।
संदेह होने पर उसके गले में आईकार्ड लटकता दिखा। दिखाने की कहने पर उसमें डेजिगनेशन के नाम पर सतेंद्र लिखा था। इससे फर्जी प्रतीत होते देख सख्ती से पूछताछ की तो उसकी पोल खुल गई। उसने बताया कि वो ट्रेनों में यात्रियों से चेकिंग के नाम पर वसूली करता है। इस पर मुकदमा दर्ज कराते हुए दिल्ली जीआरपी को सौंप दिया गया है।
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रेलवे वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि गाड़ी संख्या 12628 कर्नाटका एक्सप्रेस में दिल्ली से मथुरा के बीच डिप्टी सीवीओ बनकर राजकुमार यात्रियों से चेकिंग के नाम पर वसूली कर रहा था। इसी ट्रेन में डिप्टी सीटीआई सनी भल्ला भी चेकिंग कर रहे थे। सामना हुआ तो वो इन पर भी रुतबा दिखाने लगा।
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संदेह होने पर उसके गले में आईकार्ड लटकता दिखा। दिखाने की कहने पर उसमें डेजिगनेशन के नाम पर सतेंद्र लिखा था। इससे फर्जी प्रतीत होते देख सख्ती से पूछताछ की तो उसकी पोल खुल गई। उसने बताया कि वो ट्रेनों में यात्रियों से चेकिंग के नाम पर वसूली करता है। इस पर मुकदमा दर्ज कराते हुए दिल्ली जीआरपी को सौंप दिया गया है।
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