यूपी बजट: 4.98 करोड़ रुपये से ताजनगरी बनेगी 'सेफ सिटी', महिलाओं ने बताया अच्छा कदम
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प्रदेश सरकार ने बजट में ताजनगरी को सेफ सिटी का तोहफा दिया गया है। इसके लिए 4.98 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान है। सेफ सिटी का मकसद महिलाओं की सुरक्षा होगा। इसके लिए आगरा पुलिस पहले ही प्रस्ताव बनाकर भेज चुकी है। बजट जारी होते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्मार्ट सिटी के तहत पहले से काम हो रहे हैं। जैसे चौराहों पर पैनिक बटन लगाए जा रहे हैं। ये जल्द ही शुरू किए जाने हैं। सिटी बसों में जीपीएस लगाए जाने का भी प्रस्ताव बन चुका है। अब सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत खास तौर से महिला सुरक्षा पर काम किए जाएंगे।
मिशन शक्ति के तहत थानों में हेल्प डेस्क खोली गई, सेफ सिटी में इनका विस्तार किया जाएगा। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि काफी अध्ययन के बाद इसका प्रस्ताव बनाया गया था। यह शासन को भेजा जा चुका है।
सिटी बसों में पैनिक बटन लगेंगे चौराहों पर क्योस्क
1.सेफ सिटी के तहत सिटी बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाए जाएंगे। कोई परेशानी आने पर महिला पैनिक बटन दबाएगी तो कंट्रोल रूम को सूचना मिल जाएगी।
2. ये पैनिक बटन इस तरह के होंगे कि महिला बोलकर अपनी समस्या सुना भी सकेगी, इसे कंट्रोल रूम पर नोट किया जाएगा। बटन के पास ही कैमरा लगा, यह कंट्रोल रूम से जुड़ा होगा।
3. शहर के ऐसे क्षेत्र चिह्नित किए जाएंगे जहां रात में महिलाओं का आवागमन होेता है और वहां रोशनी कम हो। ऐसी जगहों पर रोशनी के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे।
4. प्रमुख चौराहों पर कियोस्क लगाए जाएंगे जिनमें महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। महिलाएं जरूरत पड़ने पर इनसे मदद मांग सकेंगी।
5. प्रमुख चौराहों और मुख्य बाजारों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे।
(जैसा एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया)
महिला ने बताया अच्छा कदम
आगरा की गृहणियां, पेशेवर से लेकर कारोबार और उद्यमियों ने सेफ सिटी योजना को अच्छा बताया है। महिलाओं का कहना है कि इससे उन्हें सुरक्षा का अहसास होगा। दिन हो या रात वे खुले माहौल में खुलकर काम और कहीं भी आ-जा सकेंगी।
सीए दीपिका मित्तल ने कहा कि योगी सरकार ने बजट में महिलाओं व बेटियों के सशक्तिकरण, आत्मसुरक्षा पर विशेष ध्यान रखा है। कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनेगा, जिससे और महिलाएं भी आगे आएंगी।
उद्यमी अनुपमा त्रिलोकानी ने कहा कि आधुनिक जमाने में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। इसलिए उनका मनोबल बढ़ाना जरूरी है। सेफ सिटी योजना से वे खुद को सुरक्षित महसूस कर सकेंगी।
गृहणी कृष्णा अग्रवाल ने कहा कि घर से बाहर निकलने में कहीं न कहीं असुरक्षा की भावना रहती है। क्योंकि महिलाएं हमेशा से बदमाशों के लिए सॉफ्ट टारगेट रही हैं। इसलिए सुरक्षा काफी जरूरी हो गई है।