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राजनीति: स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे ने भाजपा में कराई डॉ. धर्मपाल की एंट्री, सपा छोड़ने से विपक्ष को झटका
Thu, 13 Jan 2022 10:42 AM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 13 Jan 2022 10:42 AM IST
सार
डॉ. धर्मपाल सिंह ने समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद एत्मादपुर की गलियों, सड़कों पर साइकिल चलाई और उसके बाद ठाकुरों की बाईसी के क्षत्रिय समाज के लोग पंचायत में बुलाए।
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भाजपा की सदस्यता लेते पूर्व विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सिरसागंज के विधायक हरिओम यादव और एत्मादपुर के पूर्व विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह की भाजपा में एकाएक एंट्री के पीछे श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का इस्तीफा है, जिस वजह से मकर संक्रांति से पहले ही भाजपा ने राजनीति की खिचड़ी पका ली। छह महीने से मंडल में विपक्ष के चेहरे रहे दोनों नेताओं की बातचीत भाजपा संगठन से चल रही थी, लेकिन जैसे ही मंगलवार को स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस्तीफा दिया, डैमेज कंट्रोल के लिए बुधवार को दिल्ली में छह माह से वेटिंग में चल रहे नेताओं को भाजपा में शामिल करा लिया गया। डॉ. धर्मपाल सिंह पूर्व में अपनी शर्त रख चुके थे कि वह शामिल तब होंगे, जब उनके टिकट की घोषणा की जाएगी।
डॉ. धर्मपाल के सपा छोड़ने से विपक्ष को झटका
एत्मादपुर से बसपा के विधायक रहे और अब सपा के प्रत्याशी के तौर पर सक्रिय डॉ. धर्मपाल के साइकिल से उतरने का सबसे बड़ा झटका विपक्ष को लगा है। सत्ता विरोधी मतदान करने वालों के लिए डॉ. धर्मपाल सिंह विपक्ष का बड़ा चेहरा थे जो एत्मादपुर सीट पर सबसे कांटे की लड़ाई में दिख रहे थे। उनके सपा छोड़ने से एत्मादपुर के साथ आगरा ग्रामीण, फतेहपुर सीकरी, फतेहाबाद, खेरागढ़ और बाह सीट पर सपा कार्यकर्ताओं के बीच नकारात्मक संदेश गया। डॉ. धर्मपाल से पहले दो बार के विधायक रहे सूरजपाल सिंह सीकरी में भाजपा में शामिल हो गए, पर उनका निधन हो गया। हाल में खेरागढ़ के दो बार के पूर्व विधायक भगवान सिंह कुशवाह के भाजपा में शामिल होने से विपक्ष को झटका लगा।
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डॉ. धर्मपाल के सपा छोड़ने से विपक्ष को झटका
एत्मादपुर से बसपा के विधायक रहे और अब सपा के प्रत्याशी के तौर पर सक्रिय डॉ. धर्मपाल के साइकिल से उतरने का सबसे बड़ा झटका विपक्ष को लगा है। सत्ता विरोधी मतदान करने वालों के लिए डॉ. धर्मपाल सिंह विपक्ष का बड़ा चेहरा थे जो एत्मादपुर सीट पर सबसे कांटे की लड़ाई में दिख रहे थे। उनके सपा छोड़ने से एत्मादपुर के साथ आगरा ग्रामीण, फतेहपुर सीकरी, फतेहाबाद, खेरागढ़ और बाह सीट पर सपा कार्यकर्ताओं के बीच नकारात्मक संदेश गया। डॉ. धर्मपाल से पहले दो बार के विधायक रहे सूरजपाल सिंह सीकरी में भाजपा में शामिल हो गए, पर उनका निधन हो गया। हाल में खेरागढ़ के दो बार के पूर्व विधायक भगवान सिंह कुशवाह के भाजपा में शामिल होने से विपक्ष को झटका लगा।
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भाजपा को दोहरा फायदा
भाजपा सूत्रों के मुताबिक पार्टी के आंतरिक सर्वे और आईबी की रिपोर्ट में एत्मादपुर सीट पर रामप्रताप सिंह के खिलाफ जनता में आक्रोश बताया गया। पार्टी यहां नए चेहरे की तलाश में थी। रामप्रताप सिंह चौहान के खिलाफ सत्ता विरोधी रुझान डॉ. धर्मपाल सिंह के जरिए भाजपा ने एक तीर से दो शिकार कर लिए। समाजवादी पार्टी से एत्मादपुर के लिए डॉ. धर्मपाल सिंह ही प्रत्याशी के तौर पर सक्रिय थे। नामांकन से ऐन पहले उनके चले जाने से सपा को आनन फानन में नया चेहरा तलाशना होगा, वहीं डा. धर्मपाल की पांच साल की सक्रियता और व्यक्तिगत जुड़ाव का फायदा मिलेगा।
क्षत्रिय समाज की पंचायत में मिले थे संकेत
डॉ. धर्मपाल सिंह ने समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद एत्मादपुर की गलियों, सड़कों पर साइकिल चलाई और उसके बाद ठाकुरों की बाईसी के क्षत्रिय समाज के लोग पंचायत में बुलाए। हाल में ही हुई पंचायत में क्षत्रिय समाज के लोगों ने डा. धर्मपाल सिंह को साफ कह दिया था कि वह प्रदेश में क्षत्रिय मुख्यमंत्री के साथ हैं। वह भाजपा में शामिल होंगे तो समर्थन देंगे। इस पंचायत के बाद ही डॉ. धर्मपाल सिंह ने फिर से भाजपा नेताओं से बातचीत का दौर शुरू किया।
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क्षत्रिय समाज की पंचायत में मिले थे संकेत
डॉ. धर्मपाल सिंह ने समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद एत्मादपुर की गलियों, सड़कों पर साइकिल चलाई और उसके बाद ठाकुरों की बाईसी के क्षत्रिय समाज के लोग पंचायत में बुलाए। हाल में ही हुई पंचायत में क्षत्रिय समाज के लोगों ने डा. धर्मपाल सिंह को साफ कह दिया था कि वह प्रदेश में क्षत्रिय मुख्यमंत्री के साथ हैं। वह भाजपा में शामिल होंगे तो समर्थन देंगे। इस पंचायत के बाद ही डॉ. धर्मपाल सिंह ने फिर से भाजपा नेताओं से बातचीत का दौर शुरू किया।
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