साइबर ठगों के निशाने पर थे 6000 क्रेडिट कार्डधारक, आगरा पुलिस को मिले कई सुराग
- साइबर ठगों की डायरी और 61 पेज में मिला है क्रेडिट कार्ड का डाटा
- मोनिका नाम की युवती से 35 रुपये में खरीदते थे एक ग्राहक का डाटा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एसटीएफ नोएडा और आगरा पुलिस की गिरफ्त में आए दिल्ली-एनसीआर के साइबर अपराधी छह हजार क्रेडिट कार्ड धारकों से ठगी करने वाले थे। आरोपियों से बरामद डायरी और 61 पेज में कार्ड धारकों का डाटा मिला है। पुलिस अब डाटा उपलब्ध कराने वालों की तलाश कर रही है।
एसटीएफ नोएडा और थाना खेरागढ़ पुलिस ने मंगलवार रात को फरीदाबाद से सौरभ भारद्वाज, आस मोहम्मद उर्फ आशु, नई दिल्ली निवासी लखन गुप्ता और शिवम गुप्ता को गिरफ्तार किया था। ये लोग बैंकों के क्रेडिट कार्ड धारकों का डाटा प्राप्त करके उनको कॉल करते थे। इसके बाद क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर अपनी फर्जी ई कामर्स कंपनी में डिटेल भरकर खाते में रकम जमा करके निकाल लेते थे। पांच साल में एक करोड़ से अधिक की कमाई की थी।
संबंधित खबर- साइबर ठग: कौन है मोनिका, जिसके पास है बैंकों के सात लाख ग्राहकों का डाटा, तलाश में जुटी पुलिस
थाना खेरागढ़ के प्रभारी निरीक्षक हंसराज भदौरिया ने बताया कि आरोपियों से लैपटॉप, 14 मोबाइल, एक डायरी, एक स्कार्पियो, एक होंडा सिटी कार, 6.59 लाख रुपये और 61 पेज में क्रेडिट कार्ड ग्राहकों का डाटा मिला है। 61 पेज का डाटा एक कंप्यूटराइज्ड एक्सेल फाइल में है।
पूछताछ में आरोपी सौरभ भारद्वाज से पता चला कि वह बैंक कर्मी रही मोनिका से डाटा लेने के लिए व्हाट्स एप पर मैसेज करता था। वह ओके लिखकर भेजती थी। इसके बाद डाटा आ जाता था। यह डाटा मेल या व्हाट्स एप पर एक्सेल फाइल में आता था। उन्होंने हाल ही में छह हजार लोगों का डाटा निकलवाया था। इन लोगों को कॉल करके जानकारी ले रहे थे।
सुराग: गैंग में बैंकों का डाटा चोरी करने वाले भी
थाना खेरागढ़ के प्रभारी निरीक्षक हंसराज भदौरिया ने बताया कि इस गैंग में बैंकों का डाटा चोरी करके उपलब्ध कराने वाले भी लोग शामिल हैं। उनकी तलाश की जा रही है। मोनिका नाम की युवती का नाम सामने आया है। वह एक ग्राहक का डाटा 35 रुपये में बेचती थी। उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। आरोपियों से बरामद मोबाइल और लैपटॉप की भी जांच की जा रही है। वह किन लोगों के संपर्क में थे? यह पता किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सौरभ और आस मोहम्मद की दो फर्जी ई कॉमर्स कंपनियों के खातों में एक करोड़ रुपये आने के बाद निकाल लिए गए थे। अकेले आस मोहम्मद की ई कामर्स कंपनी में 70 लाख रुपये जमा हुए। उसने 240 लोगों के क्रेडिट कार्ड से रकम ट्रांसफर की। सौरभ की कंपनी से खातों में 60 लोगों के 30 लाख रुपये जमा होने की जानकारी बैंक से मिली है।