फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   University: Teachers teaching at graduate level will not be able to become research supervisor yet

विविः स्नातक स्तर पर पढ़ाने वाले शिक्षक अभी नहीं बन सकेंगे शोध पर्यवेक्षक

Sun, 09 Jan 2022 01:45 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jan 2022 01:45 AM IST
विज्ञापन
University: Teachers teaching at graduate level will not be able to become research supervisor yet
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में अभी स्नातक स्तर पर पढ़ाने वाले शिक्षक अर्ह होने के बाद भी शोध पर्यवेक्षक नहीं बन सकेंगे। विश्वविद्यालय के अध्यादेश में स्नातक स्तर पर पढ़ाने वाले शिक्षकों को शोध पर्यवेक्षक बनाने की व्यवस्था नहीं है। परास्नातक स्तर पर पढ़ाने वाले अर्ह शिक्षकों को ही शोध पर्यवेक्षक बनाया जाता है। आगामी सत्र में पीएचडी में प्रवेश लेने वाले छात्रों के शोध निर्देशन के लिए परास्नातक स्तर पर पढ़ाने वाले शिक्षकों से ही आवेदन लिए गए हैं। हालांकि अभी इनकी सूची जारी नहीं की गई है।
विज्ञापन

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध एडेड कॉलेजों के प्राचार्य परिषद के महामंत्री डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि स्नातक स्तर पर तमाम योग्य शिक्षक हैं। इनका लाभ शोध कार्यों में मिलना चाहिए। स्नातक स्तर पर पढ़ाने वाले शिक्षकों को पर्यवेक्षक बनाए जाने के लिए अध्यादेश में जल्द से जल्द संशोधन करना चाहिए। यदि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और शासन स्तर से मंजूरी दे दी गई है तो विश्वविद्यालय को देरी नहीं करनी चाहिए। इनको शोध पर्यवेक्षक बनाए जाने से पीएचडी की सीटें बढ़ जाएंगी। अपेक्षाकृत अधिक छात्र-छात्राएं शोध कार्य कर सकेंगे। इससे शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी। समाज को भी लाभ मिलेगा।
विज्ञापन

विश्वविद्यालय के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) के निदेशक प्रो. अजय तनेजा ने बताया कि स्नातक स्तर पर पढ़ाने वाले शिक्षकों को शोध पर्यवेक्षक बनाए जाने के लिए विश्वविद्यालय के अध्यादेश में व्यवस्था करना जरूरी है। वर्तमान स्थिति में इनको शामिल नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शासन कॉलेजों में पढ़ाने वाले अर्ह शिक्षकों को शोध पर्यवेक्षक बनाए जाने पर जोर दे रहा है। पीएचडी की उपाधि धारक व संदर्भित पत्रिका में शोध प्रकाशित करने वाले एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर शोध निर्देशक बन सकते हैं।

स्नातक स्तर पर पढ़ाने वाले अर्ह शिक्षकों को शोध पर्यवेक्षक बनाए जाने के लिए विश्वविद्यालय के अध्यादेश में संशोधन का प्रस्ताव राजभवन भेजा जाएगा। यह प्रक्रिया जल्द की जाएगी। जिससे स्नातक भी पर्यवेक्षक बन सकें। - प्रो. आलोक कुमार राय, प्रभारी कुलपति डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed