जाको राखे साइयां: गर्भवती महिला को डंपर ने रौंदा, पेट से बाहर निकल आया बच्चा, सदमे से चाचा की मौत
महिला अपने पति के साथ बीमार चाचा को देखने के लिए मायके जा रही थी, रास्ते में ये दर्दनाक हादसा हो गया। जब भतीजी की मौत की खबर चाचा को लगी, तो वे भी ये सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके।
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फिरोजाबाद के थाना नारखी क्षेत्र में बुधवार को दर्दनाक हादसा हुआ। गांव बरतरा के पास बालू से भरे डंपर ने गर्भवती महिला को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में उसके गर्भ में पल रही बच्ची बाहर निकल आई। नवजात शिशु को सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वो सही सलामत बताई गई है। वहीं इस हादसे की जानकारी मिलने के बाद सदमे में आए महिला के चाचा की मौत हो गई।
चाचा और भतीजी की मौत से घर में मचा कोहराम
नारखी क्षेत्र के गांव नगला मुरली कोटला निवासी कामिनी की सुबह करीब दस बजे सड़क हादसे में मौत हो गई। देर शाम चाचा को कामिनी की मौत के बारे में परिजन ने बताया तो चाचा भतीजी की मौत के सदमे को सहन नहीं कर सका। कुछ देर बाद चाचा की भी सांसे थम गई। आठ घंटे के अंदर चाचा और भतीजी की मौत के बाद परिवारीजन में कोहराम मच गया।
कैंसर से पीड़ित थे चाचा
कामिनी के भाई दीपक की ने बताया कि कामिनी के पिता की मौत हो चुकी है। चाचा परिवार के अन्य सदस्यों की अपेक्षा कामिनी को अधिक प्यार करते थे। चाचा कालीचरन की तबीयत काफी समय से खराब चल रही थी। वह कामिनी और उसके पति को देखने के लिए काफी समय से जिद कर रहे थे। चाचा कालीचरन (65) कैंसर से पीड़ित होने के कारण वह ठीक से चल फिर भी नहीं पाते थे।
फोन पर हुई थी दोनों की बात
चाचा और कामिनी की फोन पर बात भी हुई थी। चाचा ने कामिनी से घर आने के लिए कहा था। इस पर कामिनी पति के साथ चाचा को देखने के लिए आ रही थी। सुबह करीब दस बजे कामिनी की मौत हो गई थी, लेकिन चाचा से इस बात को देर शाम तक छुपा कर रखा गया था। क्योंकि चाचा इस सदमे को सहन करने की स्थिति में नहीं थे।
भतीजी की मौत से लगा सदमा, हो गई मौत
देर शाम चाचा कालीचरन को भतीजी कामिनी की मौत की खबर बताई गई। भतीजी की मौत की खबर सुनकर वह सदमे में आ गए और एक घंटे के भीतर चाचा ने भी दम तोड़ दिया।